अब BSP लड़ेगी खुशी दुबे की रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई, सतीश मिश्रा करेंगे पैरवी
अब BSP लड़ेगी खुशी दुबे की रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई, सतीश मिश्रा करेंगे पैरवी
लखनऊ, 21 जुलाई: 2022 में उत्तर प्रदेश के अंदर विधानसभा चुनाव होने है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मायावती ने यूपी में 'ब्राह्मण सम्मेलन' करने का ऐलान किया है। जिसकी शुरूआत 23 जुलाई से रामनगरी 'अयोध्या' से होनी जा रही है। बीएसपी 'ब्राह्मण सम्मेलन' के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की जद्दोजहद में जुट गई है। बता दें, मिशन ब्राह्मण के तहत बीएसपी अब बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई खुशी दुबे की रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी।

ब्राह्मण सम्मेलन से ठीक पहले पार्टी नेता और पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने ऐलान किया कि बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई खुशी दुबे की रिहाई की लड़ाई बीएसपी लड़ेगी। कहा कि पार्टी के ब्राह्मण चेहरे और वरिष्ठ वकील, सतीश मिश्रा, अमर की पत्नी खुशी दुबे की रिहाई की मांग करेंगे। बता दें कि सतीश मिश्रा 23 जुलाई को अयोध्या में होने वाले ब्राह्मण सम्मेलन में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें मायावती का बेहद खास माना जाता है। आपको बता दें कि, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 जुलाई को खुशी दुबे की जमानत देने से इनकार कर दिया है।
नकुल दुबे ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि एक साल से बाराबंकी के बालसंरक्षण गृह में बंद है। अब विधवा खुशी दुबे की रिहाई के लिए वरिष्ठ वकील और बसपा महासचिव सतीश मिश्र खुशी का केस लड़ेंगे और उसकी रिहाई की मांग करेंगे। उधर, खुशी दुबे के अधिवक्ता शिवकांत दीक्षित ने कहा, मुझे किसी पार्टी विशेष में दिलचस्पी नहीं है। खुशी दुबे की रिहाई की लड़ाई में यदि कोई हमारा साथ देना चाहता है तो उसका स्वागत है। हालांकि, मुझसे अभी तक किसी ने संपर्क नहीं किया है।
बता दें, अमर दुबे की शादी बीते 29 जून 2020 को खुशी दुबे से हुई थी। शादी के महज तीन दिनों बाद 2 जुलाई 2020 की रात विकास दुबे के घर पर पुलिस टीम दबिश देने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। बिकरू कांड को अंजाम देने के बाद अमर दुबे फरार हो गया था। बीते 8 जुलाई को हमीरपुर के मौदाहा में एसटीएफ ने अमर दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था।
वहीं, पुलिस ने खुशी को बिकरू कांड में आरोपी बनाया था और घटना के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन किशोर न्याय बोर्ड द्वारा खुशी दुबे को नाबालिग घोषित कर दिया गया था। जिसके बाद उसे बाराबंकी के बालसंरक्षण गृह में रखा गया है।












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