लखनऊ में ऑक्सीजन की कमी, गैस एजेंसी के बाहर लगी लोगों की लाइन
लखनऊ, अप्रैल 19: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस ने कहर मचा रखा है। लगातार बढ़ते मामलों और सही समय पर इलाज न मिल पाने से राजधानी में हाहाकार मचा हुआ है। अस्पतालों में बेड नहीं बचे हैं, ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी हो गई है। ऐसे में कई मरीजों को इलाज के अभाव में जान गंवानी पड़ रही है। राजधानी लखनऊ में रविवार को लॉकडाउन वाले दिन ऑक्सीजन गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लाइन लगी रही। मुरारी गैसस प्राइवेट लिमिटेड के डिवीजनल सेल्स मैनेजर ने बताया कि ऑक्सीजन की मांग चार गुना बढ़ गई है। ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रमुख कोविड अस्पतालों में जाती है, और निजी उपयोग के लिए इसकी आवश्यकता वाले लोगों को की जा रही है।

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बता दें, राजधानी लखनऊ में छह कंपनियां ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही हैं। रोजाना 5040 ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति हो पा रही है, जबकि इस समय खपत साढ़े छह हजार से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर की है। इसके चलते आसपास के जिलों से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाने पड़ रहे हैं। सामान्य दिनों में करीब डेढ़ हजार सिलेंडरों की खपत होती थी। केजीएमयू, राम मनोहर लोहिया और पीजीआई के कोविड हॉस्पिटल में 20 हजार किलोलीटर क्षमता का लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट है।
उत्तर प्रदेश अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने शनिवार को जानकारी दी थी कि प्रदेश में ऑक्सीजन की सप्लाई नियमित है। यह भी बताया कि DRDO ने प्रस्ताव दिया है जिसमें वे 15 दिन के अंदर 10 नए प्लांट बनाएंगे। इन प्लांट में हवा से ऑक्सीजन तैयार की जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आदेश दिया है कि एक हफ्ते के अंदर ये सारे प्लांट शुरू कर दिए जाएं। बता दें, उत्तर प्रदेश में रविवार को कोरोना वायरस के 30 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। राज्य में एक दिन में कोरोना वायरस के नए संक्रमण मिलने की ये सबसे ज्यादा संख्या है।












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