अखिलेश के बिना कोई भी मुलायम के साथ आने को तैयार नहीं

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लखनऊ। यूपी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी जिस तरह से महागठबंधन की कोशिशें कर रही है, उसे परिवार के भीतर मची घमासान की वजह से झटका लग सकता है। जदयू और आरएलडी उसी शर्त पर इस महागठबंधन में आने को तैयार हैं, अगर अखिलेश यादव भी इसमें शामिल हों।

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बिन अखिलेश राहुल भी नहीं तैयार

दोनों ही पार्टियों ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यह साफ कर दिया है कि सपा के साथ गठबंधन तभी हो सकता है जब अखिलेश यादव सपा के सीएम उम्मीदवार घोषित हों।

पारिवारिक कलह बड़ी मुश्किल

आरएलडी के वरिष्ठ नेता ने कहना है कि पार्टी के मुखिया अजीत सिंह भी इसी बात के पक्ष में है कि सपा के साथ गठबंधन तभी होगा जब पार्टी का अंदरूनी विवाद खत्म हो जाए।

आरलएडी के नेता का कहना है कि अखिलेश और शिवपाल के बीच अभी तनाव खत्म होता नहीं दिख रहा है। यह ना सिर्फ पार्टी के लिए नुकसानदायक है बल्कि महागठबंधन के लिए भी काफी मुश्किल है।

सपा-बसपा साथ आए तभी महागठबंधन

अंग्रेजी अखबार की मानें तो जदयू नेता और नीतीश कुमार ने साफ किया है कि महागठबंधन तभी मुमकिन है जब सपा और बसपा एक साथ आएं। नीतीश इस बात से पूरी तरह से वाकिफ हैं कि मुलायम ने उन्हें बिहार चुनाव के दौरान कैसा अनुभव दिया था।

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English summary
Akhilesh yadav turns out to be a key man for Mahagathbandhan. RLD, JDU and congress says no tie up without Akhilesh.
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