ट्विटर पर फॉलोअर के मामले में अखिलेश और सीएम योगी आए साथ, संख्या हुई 14.1 मिलियन
लखनऊ, जून 11: साल 2022 में उत्तर प्रदेश के अंदर विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में चुनाव से पहले प्रदेश में सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ और पूर्व सीएम अखिलेश यादव के ट्विटर अकाउंट चर्चा का विषय बने हुए है। दरअसल, दोनों ही नेताओं के ट्विटर अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या 14.1 मिलियन हो गई है।

बता दें कि यह पहला मौका है, जब किन्हीं दो परस्पर विरोधी नेताओं के फॉलोअर्स की संख्या एक समान हुई हो। जानकारी के मुताबिक, यूपी के पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जुलाई 2009 में ट्विटर पर आए थे। वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ सितंबर 2015 में ट्विटर पर आए। इस लिहाज से देखें तो योगी आदित्यनाथ करीब 6 साल बाद ट्विटर पर आए।
दोनों ही नेता ट्विटर पर खासे सक्रिय रहते हैं, चाहे वह अपनी सरकारों के काम की उपलब्धियां बतानी हों या विरोधी पर हमले करने हों। दोनों ही लगातार ट्वीट करते हैं। तो वहीं, शुक्रवार को पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए हमला बोला। अखिलेश ने लिखा, 'इधर बेकारी-बेरोज़गारी रिकार्ड तोड़ रही है, उधर महंगाई कमर तोड़ रही है। न मनरेगा में काम है, न स्किल मैपिंग का कहीं अता-पता है और न ही इंवेस्टमेंट मीट के निवेश का। व्यापार, कारोबार, दुकानदारी, कारीगरी सब ठप्प है। बंदरबांट में उलझी भाजपा सरकार से जनता को कोई उम्मीद भी नहीं है।'
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी से मुलाकात की
उत्तर प्रदेश में बढ़ी सियासी सरगर्मियों के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ आज यानी शुक्रवार 11 जून को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम मोदी के साथ होने वाली मीटिंग के बाद योगी आदित्यनाथ को भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात होनी है। पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच होने वाली बैठक पर यूपी समेत पूरे देश की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इस मीटिंग से आने वाले वक्त में यूपी की राजनीति की बड़ी तस्वीर सामने आ सकती है।












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