ट्रैक्टर मार्च हिंसा: अखिलेश यादव ने भाजपा को ठहराया कसूरवार तो मायावती ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
Akhilesh yadav and Mayawati Latest News, लखनऊ। 72वें गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर देश की राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर मार्च (tractor march) के दौरान किसानों के नाम पर उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। तो वहीं, अब इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। जहां एक और किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे नेता अब अपना पल्ला झाड़ने लगे हैं। वहीं, विपक्षी पार्टियां सरकार को कोसने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे।

तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग
ट्रैक्टर मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़प के बाद उत्तर प्रदेश की दो बड़ी विपक्षी पार्टियां भी अब सामने आ गई है। दोनों बड़ी पार्टियों ने ट्वीट करते हुए तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की है। तो वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्रैक्टर मार्च हिंसा का ठीकरा केंद्र सरकार के सिर फोड़ दिया। तो वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने इसे अति दुखद बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
क्या कहा अखिलेश यादव ने
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया है। ट्वीट करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, 'भाजपा सरकार ने जिस प्रकार किसानों को निरंतर उपेक्षित, अपमानित व आरोपित किया है, उसने किसानों के रोष को आक्रोश में बदलने में निर्णायक भूमिका निभायी है। अब जो हालात बने हैं, उनके लिए भाजपा ही कसूरवार है। भाजपा अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी मानते हुए कृषि-क़ानून तुरंत रद्द करे।
मायवाती ने कहा
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मंत्री मायावती ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से बुधवार को एक के बाद एक दो ट्वीट किए है। उन्होंने लिखा, देश की राजधानी दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह कतई भी नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा केन्द्र की सरकार को भी इसे अति-गंभीरता से ज़रूर लेना चाहिए। साथ ही, बीएसपी की केन्द्र सरकार से पुनः यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को अविलम्ब वापिस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे आन्दोलन को खत्म करे ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके।












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