गांव-गांव अखिलेश अभियान से फिर से सत्ता में आयेगी सपा- राजेंद्र चौधरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव गांव के रास्ते एक बार फिर से सत्ता में वापसी की योजना बना रहे है। इसके लिए गांव-गांव अखिलेश नाम की यात्रा शुरु भी शुरु कर दी गयी है। इस गांव गांव अखिलेश जनसंवाद अभियान के बारे समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी विस्तार से अपने पत्र में लिखते हैं।
युवा सोच और युवा जोश को प्रोत्साहन देकर आगे बढ़ा रहे अखिलेश

समाजवादी जनसंवाद अभियान के अन्तर्गत ''गाँव-गाँव अखिलेश'' यात्रा को भारी जन समर्थन और सहयोग मिल रहा है। समाजवादी सरकार ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में जनता की समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रदेश में शानदार योजनांए चलाई हैं। जनता को इस सम्बन्ध में जागरुक करने के लिए गाँव-गाँव प्रचार वाहन जा रहे हैं और जनता से योजनाओं के बारे में उनकी राय भी ले रहे हैं।
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''गाँव-गाँव अखिलेश'' यात्रा का बुन्देलखण्ड में अभियान ऐसे समय चल रहा है जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्वयं 19 अपै्रल 2016 को ललितपुर पहुँचकर कई योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री मानते है कि किसान, नौजवान की खुशहाली से ही प्रदेश खुशहाल बनेगा। उन्होने वर्ष 2016-17 को ''किसान और नौजवान वर्ष'' घोषित किया है और गाँवों के लिए 80 प्रतिशत बजट राशि की व्यवस्था की है।
विगत 20 दिसम्बर 2015 को पार्टी मुख्यालय लखनऊ से दर्जनभर वाहनों को ध्वज दिखाकर समाजवादी पार्टी के इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत की गई थी। ''गाँव-गाँव अखिलेश'' यात्रा पाँच जिलो फैजाबाद, गोरखपुर, आगरा, हमीरपुर और जालौन के 995 गाँवों तक पहुँचने के बाद 16 अपै्रल 2016 से अब ललितपुर में अपने अभियान के जरिए जिले के 376 गाँवों और 1.5 लाख लोगो से संपर्क करने का लक्ष्य पूरा करने जा रही है। इस अभियान में 100 दिनों में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के 7.5 लाख लोगो तक समाजवादी सरकार की उपलब्धियाँ पहुँचाई जाएगी।
वस्तुतः ''गाँव-गाँव अखिलेश'' यात्रा के माध्यम से समाजवादी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाने के लिए एलईडी युक्त वैन में लगे वीडियो के जरिए विकास कार्यो की फिल्मों का प्रदर्शन हो रहा है। साथ चल रहे स्वंयसेवक ग्रामीणों के बीच प्रचार सामग्री वितरित करते हैं और जिन ग्रामीणों को सरकार के कामों की जानकारी नही होती है, उन्हें वे खुद जानकारी देते हैं।
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव अभी विगत 31 मार्च 2016 को बुन्देलखण्ड गए थे। वहाँ उन्होंने महोबा में 1500 अंत्योदय परिवारों को सूखा राहत सामग्री के पैकेट बाँटे थे। इसमें हरेक को 10 किलो आटा, 5 किलो चने की दाल, 1 लीटर देशी घी, 1 किलो मिल्क पाउडर, 15 लीटर सरसों का तेल तथा 25 किलो आलू उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने महोबा में 14788.36 लाख की 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 13 परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। विपक्षी दल बुन्देलखण्ड की त्रासदी का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए दुष्प्रचार कर रहे हैं जबकि मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव बुन्देलखण्ड के विकास, क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने और सूखा राहत के कामों में ईमानदारी से लगे हैं।












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