तीन दिन बाद अखलाक के हत्यारोपी रॉविन का हुआ अंतिम संस्कार

लखनऊ। दादरी में अखलाक की हत्या के आरोपी रॉविन के शव का तीन दिन के बाद उसके परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है। सरकार और परिजनों के बीच समझौते के बाद ही परिजनों ने अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।

After three days Akhlaq murder accused Rovin dead body cremated

तीन दिन से चल रहा था प्रदर्शन

रॉविन अखलाक की हत्या के उन 18 आरोपियों में से एक था जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसकी दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई थी। लेकिन आक्रोशित परजिनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था और शव को घर के बाहर रखकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

परिजन कर रहे थे 1 करोड़ मुआवजे की मांग

परिजनों की मांग थी कि उन्हें एक करोड़ रुपए का मुआवजा, मामले की सीबीआई जांच, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और जेलर व अखलाक के भाई जान मोहम्म्द के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

इन शर्तों पर बनी सहमति

सरकार ने 11 सदस्यीय कमेटी बनाने का फैसला लिया और इसकी निगरानी इलाके के विधायक भी करेंगे। इलाके के डीएम एनपी सिंह ने बताया कि परिजनों को 25 लाख रुपए का मुआवजा, जिसमें 10 लाख राज्य सरकार, 10 लाख समाज सेवी संस्था जबकि 5 लाख सांसद महेश शर्मा देंगे। राज्य सरकार मामले की सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हो गई है, सरकार इस मांग परिवार द्वारा लिखित में इसकी अपील किए जाने के बाद संस्तुति कर देगी।

रॉविन की पत्नी को पढ़ाएगी सरकार

डीएम ने कहा कि मैंने वायदा किया है कि रॉविन की एक साल की बेटी की शिक्षा का पूरा खर्च उठाउंगा। इसके साथ ही रॉविन की पत्नी की पढ़ाई हो सके और उसे रोजगार मिल सके। हम उसे कंप्यूटर ट्रेनिंग भी मुहैया करा सकते हैं।

कई लोग रहे समझौते के समय मौजूद

रॉविन के परिजनों व प्रशासन के बीच समझौता शुक्रवार को तीन घंटे तक चली मीटिंग में लिया गया। इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, विधायक संगीत सोम, भगवान शर्मा और परिवार के सदस्यों के अलावा गांव के लोग भी मौजूद थे। बैठक के बाद संगीत सोम ने वहां मौजूद सैकड़ो लोगों को संबोधित किया। उन्होंने लोगों को जानकारी दी कि रॉविन की मौत की सीबीआई जांच होगी और जो भी इस हत्या का दोषी है उसे सख्त सजा होगी।

संगीत सोम किया लोगों को संबोधित

लेकिन वहां मौजूद लोगों ने रॉविन के शव का अंतिम संस्कार किए जाने का विरोध किया तो सोम ने कहा कि उसकी मां और पत्नी के बारे में सोचिए जिनकी हालत खराब हो गई है और वह अस्पताल में भर्ती है, अगर कुछ होता है तो कौन जिम्मेदार होगा, आप एक और मौत के जिम्मेदार नहीं बनना चाहते होंगे।

महेश शर्मा ने सरकार पर उठाए सवाल

वहीं केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि सरकार का रवैया बहुत ही गैरजिम्मेदाराना है। सरकार मौत की जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती है। अगर रॉविन की तबियत खराब थी तो उसका इलाज क्यों नहीं कराया गया। लेकिन अगर उसकी साथ मारपीट की गई है तो इसकी जांच अवश्य होनी चाहिए, उन्होंने सीबीआई जांच की मांग स्वीकार कर ली है।

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