लखीमपुर खीरी: 'हो सकता है कि कुछ लोग जीप के नीचे आ गए हों', जिंदा बचे शख्स ने बताई पूरी कहानी
लखीमपुर खीरी: 'हो सकता है कि कुछ लोग जीप के नीचे आ गए हों', जिंदा बचे शख्स ने बताई पूरी कहानी
लखीमपुर खीरी, 06 अक्टूबर: 03 अक्टूबर, दिन रविवार को लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में हुए कांड के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए महिंद्र थार के वीडियो में जो शख्स गाड़ी से निकल भागता हुआ दिखाई दे रहा है उस शख्स की पहचान हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस शख्स का नाम सुमित जायसवाल है। सुमित स्थानीय बीजेपी नेता है और उस वक्त उसी महिंद्रा थार गाड़ी में सवार था, जिसके नीचे आने से किसानों की मौत हुई थी।
Recommended Video

सुमित इकलौता ऐसा शख्स हैं जो उस दिन जिंदा बच सका। सुमित के अलावा गाड़ी में सवार अन्य तीन लोगों की मौत हो गई है। इस मामले में सुमित जायसवाल ने 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। तो वहीं, अब सुमित जायसवाल एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा है कि वे लोग उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर थे, जहां उपमुख्यमंत्री आने वाले थे। इसी दौरान सूचना मिली कि वह सिंघाई पहुंचने वाले हैं तो वे लोग उनके स्वागत के लिए कालीचरन मोड़ जा रहे थे। तिकुनिया के आगे कुछ लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे उनकी कार थोड़ा सा प्रदर्शन के अंदर पहुंच गई तो लाठी-डंडों से प्रहार कर दिया, पथराव करने लगे।
ऐसे में वहां से निकलने को ड्राइवर ने कार की स्पीड बढ़ाई, हो सकता है कि कुछ लोग उसके नीचे आ गए हों। क्योंकि वो लोगों ने गाड़ी पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। गाड़ी को रोकने का प्रयास किया था। सुमित ने कहा कि वो लोग कह रहे थे पकड़ो इनको। मारों इनका। खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। तो वह किसान तो नहीं थे। सुमित ने कहा कि वो लोग गाड़ी को रोककर उसके अंदर बैठे हुए लोगों को मारना चाहते थे। बताया कि धार गाड़ी में उस वक्त मैं (सुमित जायसवाल) गाड़ी का ड्राइवर हरीओम, शुभम मिश्रा और क्षेत्रीय कार्यकर्ता उस वक्त गाड़ी में मौजूद थे। वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए सुमित से सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो में एक चीज और भी है कि गाड़ी के शीशे टूटे है तो पहले से ही हमला उस गाड़ी पर किया गया था।
सुमित ने कहा कि अगर वीडियो के आखिर में आए जाएंगे तो गाड़ी वहीं पर रूक भी गई है क्योंकि ये लोग लगातार पथराव कर रहे थे। गाड़ी को रोकने की कोशिश कर रहे थे। यह लोग एक बहुत बड़ी साजिश के तहत वहां घटना को अंजाम देने चाहते थे। सुमित ने कहा कि वो गाड़ी आशीष मिश्रा की थी। मुझे लगता है कि जो साजिश थी वो आशीष मिश्रा की हत्या की साजिश थी। उस वक्त गाड़ी में आशीष मिश्रा के सवाल पर सुमित ने बताया कि आशीष मिश्र उस वक्त गाड़ी में नहीं थे। बताया कि सब मारो-मारो चिल्ला रहे थे, सबके हाथ में धारदार हथियार थे। माहौल देखकर लग रहा था कि वे बहुत बड़ी घटना को अंजाम देना चाहते थे। मैं किस तरह वहां से भाग निकला। मेरे मित्र शुभम मिश्रा को उन्होंने मार दिया। उसके सिर पर बहुत प्रहार किए गए।












Click it and Unblock the Notifications