लखीमपुर खीरी: पुलिस और वन विभाग की टीम को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, 200 से ज्यादा लोगों पर केस
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में वन विभाग की जमीन को खाली कराने गई पुलिस, वन विभाग, एसएसबी व राजस्व विभाग की टीम पर अचानक ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में वन विभाग के कई कर्मचारी और पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं। इसको लेकर वन विभाग ने 35 नामजद व करीब 200 से 250 अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध तिकुनिया कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
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अवैध कब्जा हटाने को लेकर बवाल
मामला लखीमपुर खीरी के उत्तर खीरी वन प्रभाग की उत्तर निघासन रेंज के रननगर का है। यहां मुहाना नदी किनारे स्थित वन विभाग की लगभग 375 हेक्टेयर भूमि पर लोगों ने पिछले कई वर्षों से अवैध अतिक्रमण कर रखा है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अतिक्रमण को खाली कराने के लिए बुधवार को वन विभाग, एसटीपीएफ, पुलिस, राजस्व व एसएसबी के जवानों की संयुक्त टीम, एसडीएम ओपी गुप्ता व सीओ प्रदीप कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक जेसीबी मशीन लेकर लगभग 900 एकड़ जमीन की हदबंदी कराने के लिए गई थी। लेकिन अवैध कब्जा धारकों ने पुलिस, वन विभाग और एसएसबी के जवानों को लाठी-डंडे लेकर दौड़ा लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी।

तिकुनिया कोतवाली में केस दर्ज
लखीमपुर खीरी में दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन की उत्तरी रेंज में निघासन के रन नगर में पिछले लगभग 20 सालों से कुछ ग्रामीण अवैध कब्जा कर खेती कर रहे थे। हाईकोर्ट के द्वारा फैसला वन विभाग के पक्ष में आने के बाद वन विभाग की टीम बुधवार को जमीन खाली कराने के लिए हदबंदी कर रही थी। इसी बीच भारी संख्या में ग्रामीणों में पहुंचकर वन विभाग पुलिस और सशस्त्र बल की टीम पर हमला किया, जिसमें काफी लोग चोटिल हो गए। वन विभाग ने 35 लोगों के विरूद्ध नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ तिकुनिया कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया है।

फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया
वन विभाग के आला अधिकारी कहना है कि कानूनी रूप से जमीन उनकी है। उस पर अतिक्रमण कर रहे लोगों को हटाने का प्रयास कर रहे हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक का कहना है कि उच्च न्यायालय से 375 हेक्टेयर भूमि के संबंध में फैसला हमारे पक्ष में आया है। वनकर्मियों, पुलिस, एसटीपीएफ व प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम जमीन से अवैध अतिक्रमण को हटाने गए थी। 2 दिन तक सामान्य रूप से जमीन की हदबंदी होती रही, वहीं इस बीच कुछ अराजक तत्वों ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। गाड़ियों में आग लगा दी, जेसीबी को भी तोड़ दिया और ड्राइवर सहित वनकर्मियों की भी पिटाई की है। इसके बावजूद हमारे किसी भी कर्मचारी ने प्रतिरोध नहीं किया और न ही ग्रामीणों को इसका जवाब दिया, नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। उन्होंने कहा कि हम अपनी भूमि को किसी भी कीमत में खाली करा कर रहेंगे, दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तिकुनिया कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया है।












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