Ajay Mishra Teni : केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा की पूरी कहानी, कैसे बन गए लखीमपुर खीरी के 'टेनी महाराज'?
लखीमपुर खीरी, 16 दिसंबर: लखीमपुर खीरी कांड से चर्चा में आए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा उर्फ 'टेनी महाराज' पत्रकार को गाली देकर एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। सड़क से लेकर संसद तक अजय मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग जोर पकड़ रही है। इन सबके बीच अजय मिश्रा को दिल्ली तलब किया गया है। माना जा रहा है कि पार्टी की ओर से अजय मिश्रा पर कोई बड़ी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, ये इतना आसान नहीं होगा। ऐसा इसलिए भी क्योंकि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव करीब हैं और केंद्रीय मंत्रीमंडल में टेनी एकमात्र ब्राह्मण चेहरा हैं, जिन्हें यूपी से शामिल किया गया है। आइए जानते हैं अजय मिश्रा के अब तक के जीवन, रसूख, उनका राजनीतिक कद और लखीमपुर के 'टेनी महाराज' बनने तक का सफर।

कौन हैं अजय मिश्रा टेनी ?
अजय मिश्रा टेनी एक राजनेता और 17वीं लोकसभा में सांसद हैं। वह भारत सरकार के गृह मंत्रालय में वर्तमान राज्य मंत्री हैं। वह उत्तर प्रदेश के खीरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक दल के सदस्य हैं। अजय मिश्रा के पिता का नाम अंबिका प्रसाद मिश्रा है, जबकि मां का नाम प्रेम दुलारी मिश्रा है। अजय मिश्रा का जन्म 25 सितंबर 1960 को लखीमपुर के बनवीर पुर में हुआ था। अजय मिश्रा की शादी साल 1978 में पुष्पा मिश्रा से हुई थी। अजय मिश्रा की के बेटे हैं, जबकि एक बेटी है। अजय मिश्रा ने बीएससी, एलएलबी, क्राइस्ट चर्च कालेज और डीएवी कॉलेज कानपुर (कानपुर विश्वविद्यालय) से पढ़ाई की।

हत्या के मामले में दोषमुक्त होने के बाद राजनीति में रखा कदम
अजय मिश्रा लखीमपुर खीरी के निघासन इलाके से ताल्लुक रखते हैं। वो एक किसान परिवार से आते हैं। लखीमपुर के तिकुनिया नगर पंचायत में साल 2003 में एक हत्या के मामले में अजय मिश्रा का नाम आया था। एक सुनवाई के दौरान कोर्ट में उनके ऊपर जानलेवा हमला भी हुआ। इस हमले में उन्हें मामूली चोटें आई थीं। 2004 में वह हत्या के मामले में दोषमुक्त हो गए। इसके बाद ही उन्होंने राजनीति में कदम रखा। साल 2009 में जिला पंचायत का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बेहद कम समय में उन्होंने उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में बड़ी पहचान बना ली।
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भाजपा ने 2012 में दिया टिकट, निघासन सीट से जीते टेनी
2012 में भाजपा ने टेनी को निघासन विधानसभा सीट से टिकट दिया था। समाजवादी पार्टी की लहर के बावजूद अजय कुमार मिश्रा ने सीट जीत दर्ज की। पार्टी ने उन्हें 2014 में लोकसभा का टिकट दिया। मोदी लहर में टेनी ने खीरी सीट पर एक लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज की। ये अंतर साल 2019 में दोगुना हो गया। टेनी ने सपा प्रत्याशी को 2 लाख 25 हजार से अधिक मतों से हराया।

टेनी महाराज के नाम से मशहूर हुए अजय मिश्रा
अजय मिश्रा टेनी महाराज के नाम से मशहूर हो गए। टेनी के परिवार के पास इलाके में एक चावल मिल, कृषि भूमि और पेट्रोल पंप हैं। टेनी को कुश्ती का शौक है। यूपी के तराई क्षेत्र में उनकी छवि एक मजबूत शख्स की है। वह खुद कुश्ती करवाने के शौकीन हैं। वह धाकड़ पहलवानों की तरह कुश्ती में दांव आजमाते थे। अजय मिश्रा की तरह उनके बेटे भी क्षेत्रीय राजनीति में बेहद सक्रिय हो गए। साल 2017 में अजय मिश्रा ने अपने छोटे बेटे आशीष मिश्रा उर्फ 'मोनू' के लिए निघासन सीट से बीजेपी का टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने इनकार कर दिया। आशीष मिश्रा अगले साल यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए एक बार फिर से टिकट लेने के लिए प्रयास कर रहे थे। अजय मिश्रा की लखीमपुर खीरी, सीतापुर और आसपास के जिलों में अच्छा प्रभाव है।

बीजेपी का ब्राह्मण चेहरा, टेनी को केंद्रीय कैबिनेट में किया गया शामिल
बता दें, कैबिनेट फेरबदल में अजय मिश्रा टेनी को केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल किया गया। टेनी एकमात्र ब्राह्मण चेहरा थे जिन्हें यूपी से शामिल किया गया था। तब चर्चा रही कि क्षेत्र के एक और ब्राह्मण नेता जितिन प्रसाद के शामिल होने से टेनी को मंत्री पद दिलाने में मदद मिली। जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने के बाद एक चर्चा थी कि भाजपा ने टेनी को नजरअंदाज कर दिया और एक अन्य ब्राह्मण नेता को 'चुना'। टेनी के केंद्रीय मंत्री बनने के कई महीने बाद जितिन प्रसाद को यूपी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।












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