UP: नहीं मिली एंबुलेंस तो अस्पताल से बेटे के शव को कंधे पर लेकर निकली मां, सीएमओ ने दिए जांच के आदेश
कुशीनगर, 03 अगस्त: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने पिछले दिनों अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया था। इस सबके बाद भी सरकारी अस्पतालों के हालात नहीं सुधरे रहे हैं। ताजा मामला कुशीनगर जिले से सामने आया है, जहां एक मां को अपने बच्चे के शव को रोत-बिलखती हुई कंधे पर लेकर जाना पड़ा। इस दौरान उन्हें शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं मिली। इस घटना का वीडियो भी फोटोज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तो वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर ट्वीट किया है।

यह मामला कुशीनगर जिले के तमकुहीराज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओहाब अंसारी नगर पंचायत तमकुहीराज के समउर रोड पर किराए की मकान में रहता है। ऐसा बताया जा रहा है कि वो पंक्चर बनाकर अपने परिवार पाल रहा है। सोमवार 01 अगस्त को उसका पांच साल का बेटा नूर मोहम्मद खेलते-खेलते अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गया। घर मे मौजूद बच्चे की मां ने आनन-फानन में बच्चे को सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया था।
डॉक्टर ने जब बच्चे को देखा तो बताया कि बच्चे की मौत हो चुकी थी। अपने बच्चे की मौत की बात सुनने के बाद वो बदहवास हो गई। हालांकि, होश संभालते हुए महिला ने अस्पताल के कर्मचारियों बच्चे का शव घर ले जाने के लिए कहा, लेकिन वहां से उसे भगा दिया। आखिर में रोती-बिलखती महिला जिगर के टुकड़े को कंधे पर लादकर अस्पताल से चली गई। करीब पांच सौ मीटर पैदल चलने के बाद एक बाइक सवार ने संवेदना दिखाई और उसे शव के साथ साथ घर तक पहुंचाया।
तमकुहीराज सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। पता कराता हूं। जिसकी लापरवाही पाई जाएगी, उस पर कार्रवाई होगी। तो वहीं, तमकुहीराज के पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू ने जहां सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर निरंकुश होने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना का जिक्र करते हुए कहा, 'भाजपा 2.0 के राज में।'












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