राजस्थान में पहली बार : CCTV कैमरे में कैद हुआ घूसखोर पार्षद, 50 हजार की रिश्वत लेते ACB ने पकड़ा, देखें VIDEO
कोटा, 14 जून। राजस्थान भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने कोटा जिले की सुल्तानपुर नगर पालिका के पार्षद को पचास हजार रुपए की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पार्षद ने रिश्वत की यह राशि वार्ड के विकास कार्यों में अडंगा न डालने की एवज में निर्माण ठेकेदार से ली थी।
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पार्षद शिवा प्रजापति सीसीटीवी फुटेज
खास बात है कि घूस लेता पार्षद शिवा प्रजापति सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। राजस्थान एसीबी के इतिहास में संभवतया यह पहला मामला है जब कोई रिश्वतखोर लाइव ट्रेप हुआ हो। एसीबी की इस पूरी कार्रवाई का पांच मिनट 35 सेकेंड का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

सुल्तानपुर ग्राम पंचायत से नगर पालिका में क्रमोन्नत
मीडिया से बातचीत में एसीबी की स्पेशल यूनिट के एएसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि कोटा जिले की सुल्तानपुर पंचायत के नगर पालिका बनने पर वार्ड नंबर एक के पंच शिवा प्रजापति भी क्रमोन्नत होकर पार्षद बन गए थे। वार्ड में ठेकेदार द्वारा सीसी रोड, नाली का काम करवाया जा रहा था।

शिवा प्रजापति मांग रहा था एक लाख रुपए
शिवा प्रजापति काम में अड़ंगा लगाकर ठेकेदार से 1 लाख रुपए मांग रहा था। ठेकेदार ने एसीबी से शिकायत की। सत्यापन में 90 हजार रुपए मांगने की पुष्टि हुई। डीएसपी धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को कार्रवाई की। आरोपी पार्षद रिश्वत की पहली किस्त लेने बेकरी पर पहुंचा, परिवादी से रिश्वत ली। इशारा मिलते ही ACB की टीम ने पार्षद को पकड़ लिया। उसके पास से रिश्वत की 50 हजार की राशि बरामद की।

ये दिख रहा सीसीटीवी फुटेज में
एसीबी की इस पूरी कार्रवाई के 5 मिनट 35 सेकेंड के सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि बेकरी में पार्षद समेत 5 लोग बैठे हैं। आरोपी के पास में बैठा परिवादी उसे रिश्वत की राशि देता है, जिसे आरोपी अपने हाथ में पकड़ लेता है। कुछ सेकेंड की बातचीत के बाद दुकान में बैठे 2 युवक बाहर निकल जाते हैं। इसी दौरान ACB टीम वहां पहुंच जाती है।

एसीबी से हाथ छुड़ाकर भागने की कोशिश की
फुटेज देखने पर लगता है कि आरोपी को अनहोनी का एहसास हो गया था। वह नए लोगों को देखकर बेकरी से उठकर जाने लगा। इतने में ही टीम ने पकड़ लिया। फुटेज में आरोपी, ACB की टीम से हाथ छुड़ाने की कोशिश करता भी नजर आ रहा है। ACB के अधिकारी उसका हाथ नहीं छोड़ते। ACB टीम पार्षद को पूछताछ के लिए थाने ले गई।












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