पोते को कोरोना से बचाने के लिए दादा दादी भर्ती होना चाहते थे, एडमिट नहीं हुए तो ट्रेन से कटकर जान दी
कोटा, 3 मई। राजस्थान की शिक्षानगरी कोटा से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पर कोरोना भयावह रूप ले चुका है। लोग काफी डरे हुए हैं। कोटा का एक बुजुर्ग जोड़ा कोरोना की चपेट में आ गया और फिर इन्होंने जो कदम उठाया उससे पूरा शहर स्तब्ध हो गया।

दरअसल, कोटा की पुरोहितजी की टापरी निवासी 75 वर्षीय हीरालाल और 70 वर्षीय उनकी पत्नी शांति बाई 29 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। तब से ये अपने घर पर ही क्वांरटीन थे। बुजुर्ग पति पत्नी को तभी से डर सता रहा था कि इनका पोता भी इस बीमारी की चपेट में ना आ जाए। ऐसे में ये दोनों काफी तनाव में थे और अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवाना चाहते थे। दोनों ही अपने घर से दूर स्थित मेडिकल कॉलेज गए और वहां भर्ती करने की गुहार लगाई, लेकिन सामान्य लक्षणों की वजह से इन्हें भर्ती नहीं किया गया।
इस बुजुर्ग दम्पति के बेटे की पहले ही पेट की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। ये अपने पोते से बहुत लगाव रखते थे। खुद कोरोना संक्रमित होने के कारण इन्हें डर था कि घर पर क्वारंटीन होंगे तो पोता भी चपेट में आ जाएगा। इन्हें पोते को बचाने के लिए कोई रास्ता नजर नहीं आया तो दोनों पटरियों पर मौत को लगे लगा लिया।












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