Katni News: कटनी मेयर ने बेच दिया जनमत ! कांग्रेस का आरोप- अवैध कब्जे को बचाने प्रीति सूरी ने ज्वाइन की बीजेपी
एमपी के कटनी की महापौर प्रीति सूरी ने बीजेपी में वापिसी विपक्ष को रास नहीं आ रही है। कांग्रेस का आरोप है कि मेयर ने जनमत ही बेच दिया। सरकारी जमीन पर अवैध कब्ज़ा बचाने वह बीजेपी में शामिल हुई।

Katni Mayor sold public opinion:एमपी के कटनी में बीजेपी से बागी होकर महापौर बनी प्रीति सूरी की घर वापिसी पर सियासत शुरू हो गई। प्रीति ने वापस बीजेपी का दामन थाम लिया। जिस पर कांग्रेस ने आरोपों की झड़ी लगा दी हैं। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकारी जमीन पर अपने अवैध कब्जे को बचाने मेयर ने दोबारा बीजेपी ज्वाइन की। जिस जनमत के बलबूते प्रीति सूरी महापौर बनी उसे गिरवी रख दिया। कांग्रेस ने कहा है कि जनता ऐसे नेताओं का चाल, चरित्र और चेहरा पहचान गई है, जिसका परिणाम आने वाले विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।
मध्य प्रदेश में चुनावी साल का पहला महीना गुजर गया। चुनावी मौसम शुरू होने के पहले बचे हुए दिनों में बीजेपी-कांग्रेस दोनों दल अपनी तैयारियों की कमर कसने में जुटे हैं। कटनी नगर निगम में बीजेपी से बागी होकर मेयर का चुनाव जीतने वाली प्रीति संजीव सूरी के बीजेपी में वापस होते ही सियासत उफान पर है। पब्लिक में जहां तरह तरह के रिएक्शन है तो वही नगर निगम में विपक्ष हमलावर हो गया है। 30 जनवरी को शहर विकास के मुद्दे पर होने वाली नगर निगम सदन बैठक भी टाल दी गई। जिससे कांग्रेस और आग बबूला है।
कटनी नगर निगम नेता प्रतिपक्ष रागिनी मनोज गुप्ता ने महापौर प्रीति सूरी पर जनमत बेचने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जनता ने उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भाजपा के खिलाफ वोट दिया था। ढेरों उम्मीदें थी। लेकिन महापौर की कुर्सी संभालते ही प्रीति सूरी के न सिर्फ सुर बदल गए बल्कि रंग भी बदल गया। वापस बीजेपी ज्वाइन कर मतदाताओं के साथ धोखा किया है। नेताप्रतिपक्ष का यह भी आरोप है कि सेंटपॉल स्कूल के सामने सरकारी जमीन पर महापौर का अवैध कब्ज़ा है। इसे बचाने के लिए उन्होंने वापस बीजेपी का दामन थामा है। लेकिन आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी यह मांगा साबित होगा।












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