Kasganj: मोती धीमर को पुलिस ने मुठभेड़ में किया ढेर, शहीद सिपाही के पिता बोले- बेटे की शहादत का अब लिया बदला

Kasganj News, कासगंज। कासगंज पुलिस ने रविवार की सुबह एक लाख रुपए के इनामी बदमाश और शराब माफिया मोती धीमर को मुठभेड़ में मार गिराया। मोती धीमर पर सिढ़पुरा थाने में तैनात सिपाही देवेंद्र सिंह की हत्या और दरोगा अशोक पाल को पीटने का आरोपी था। वहीं, अब मोती धीमर के एनकाउंटर में मारे जाने की खबर मिलते ही शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह के परिजनों के कलेजे को ठंडक मिल गई। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जाहिर करते हुए कहा पुलिस ने उनके बेटे की शहादत का बदला ले लिया।

family of martyr constable devendra singh reaction on main accused moti dhimar killed in encounter

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    Kasganj Encounter का मुख्‍य आरोपी मोती धीमर एनकाउंटर में ढेर | वनइंडिया हिंदी

    शहीद सिपाही देवेंद्र सिंह, आगरा जिले के डौकी थाना क्षेत्र के गांव नगला बिंदु के रहने वाले थे। 2015 में देंवेंद्र सिंह यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे और इस समय उनकी पोस्टिंग कासगंज जिले के सिढ़पुर थाने में थी। बता दें कि सिपाही देवेंद्र सिंह 9 फरवरी की शाम को दरोगा अशोक पाल के साथ नगला धीमर और नगला भिकारी में अवैध शराब बनने की सूचना पर दबिश देने पहुंचे थे। इस दौरान शराब माफियों ने दोनों को बंधक बनाकर उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की गई थी। पुलिसकर्मियों पर बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए उन्हें लाठी और लोहे के भाले के प्रहार से घायल कर दिया गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सिपाही देवेंद्र दरोगा को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सिपाही देवेंद्र को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। वहीं, दरोगा अशोक पाल को गंभीर हालत में अलीगढ़ रेफर कर दिया गया था, जहां वो उपचाराधीन हैं।

    सिपाही देवेंद्र के पिता महावीर सिंह किसान हैं। वह उनके इकलौते थे। देवेंद्र विवाहित थे और उनकी शादी 2017 में चंचल से हुई थी। वहीं, पति के शहादत की खबर सुनकर पत्नी चंचल को गहरा धक्का लगा था। उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी वैष्णवी तीन साल की, जबकि छोटी बेटी महज एक महीने की है। देवेंद्र की शहादत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, शहीद देवेंद्र सिंह के पिता महावीर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि बेटा शहीद हुआ है, पुलिस को उसका बदला लेना चाहिए।

    वहीं, रविवार सुबह मोती धीमर के मुठभेड़ में मारने जाने की खबर मिली तो उनके कलेजे को ठंडक मिली। शहीद के पिता महावीर सिंह ने कहा कि उनके बेटे ने फर्ज के खातिर अपनी जान न्यौछावर की थी। पुलिस ने आज उसकी शहादत का बदला ले लिया। वह इस कार्रवाई से संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि हर अपराधी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। बता दें कि कासगंज पुलिस ने रविवार तड़के करीब तीन बजे मुख्य आरोपी शराब माफिया मोती को मुठभेड़ में मार गिराया। मुठभेड़ सिढ़पुरा क्षेत्र में गंगा और काली नदी के खादर में हुई। आरोपी मोती पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसका एक भाई एलकार कासगंज कांड के 12 घंटे बाद ही मारा गया था।

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