एस्मा के खौफ से कानपुर में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, जूनियर अब भी टिके

आईएमए ने दलील दी कि अदालत की अवमानना न हो इसलिए हड़ताल वापस ले ली है। इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने कानपुर में कनिष्ठ चिकित्सकों की पिटाई के बाद उत्तर प्रदेश में जारी हड़ताल पर बुधवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को कानपुर परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को हटाने के आदेश दिए और जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग को तीन सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
Did You Know: एस्मा के बाद अगर हड़ताल खत्म नहीं होता तो वो अपराध हो जाता है।
इसके साथ ही चिकित्सकों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने को कहा है। इस बीच राज्य सरकार ने चिकित्सकों की हड़ताल पर एस्मा लगा दिया है। गौरतलब है कि कानपुर के हैलट अस्पताल के चिकित्सकों का समाजवादी पार्टी विधायक इरफान सोलंकी के साथ विवाद हो गया था। चिकित्सकों पर विधायक और उनके समर्थकों की पिटाई का आरोप है। इसके बाद पुलिस पर कथित रूप से दबाव डालकर चिकित्सकों पर लाठीचार्ज करवाया गया तथा 24 चिकित्सकों गिरफ्तारी करवाई गई।
राज्य सरकार द्वारा एस्मा लागू करने के बाद कानपुर की जिलाधिकारी रौशन जैकब ने कहा कि राज्य सरकार ने आज शाम हड़ताल पर एस्मा लगा दिया है। अब चिकित्सकों को ड्यूटी पर आना होगा। माना जा रहा था न्यायिक जांच और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के न्यायालय के आदेश के बाद देर शाम तक चिकित्सकों की तरफ से हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी जाएगी।
Did You Know: एस्मा हड़ताल को रोकने हेतु लगाया जाता है। एस्मा लागू करने से पूर्व इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को किसी समाचार पत्र या अन्य माध्यम से सूचित किया जाता है। एस्मा का नियम अधिकतम 6 माह के लिए लगाया जा सकता है अगर एस्मा लागू होने के बाद भी हड़ताल खत्म नहीं होता तो अवैध एवं दण्डनीय हो जाता है। जिसके बाद कर्मचारी को बिना किसी वारन्ट के गिरफ्तार किया जा सकता है।












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