बोले राज्यपाल राम नाईक- राममंदिर पर हाफिज सईद की धमकी से डरें नहीं, सरकार खुद निपट लेगी
कानपुर। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि राममंदिर निर्माण पर हाफिज सईद जैसे आतंकी जो धमकियां दे रहे हैं, डरे नहीं, देश की सरकार पूरी तरह निपटने में सक्षम है। नाईक कानपुर में आरोग्य भारती के कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। इसी दौरान उन्होंने भगवान हनुमान पर हो रही राजनीति पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि विवादित बयानों पर एक्शन लिया जाएगा।

नाईक ने कहा, मैं सब देखता रहता हूं। हालांकि कार्यवाही बाद में करता हूं। हनुमान जी पर मामला राजनैतिक हो गया है, इसलिए मेरा बोलना ठीक नहीं है। हाफिज सईद की धमकी पर कहा कि सरकार उससे निपटने में समर्थ है। ऐसी धमकियां मिलती रहती हैं।
कानपुर में आरोग्य भारती के दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल ने यह भी कहा कि यहां आरोग्य भारती का 16वां वर्ष है और 16वां वर्ष युवावस्था का होता है। इसलिए यहां से यह सकारात्मक संदेश जाना चाहिए कि अब आगे किस मार्ग पर चलना है। आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 की तुलना में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर 30 फीसद कम हो गई है। इसी तरह जन्म के बाद 28 दिनों के अंदर होने वाली मृत्यु में भी 22 फीसद कमी आई है। भारतीयों की औसत आयु के बारे में उन्होंने बताया कि आज यह 68.8 वर्ष है। इसमें पुरुषों की आयु 67.4 वर्ष तो महिलाओं की 70.3 वर्ष है। वहीं, महिलाओं की आयु का ज्यादा होना अच्छी बात है।

51 फीसद लड़कियों को उपाधि मिली
प्रदेश के विश्वविद्यालयों में छात्राओं की पढ़ाई के बारे में उन्होंने कहा कि वह प्रदेश के 28 विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। पिछले वर्ष 13 लाख छात्र-छात्राओं को डिग्र्री दी गई। इसमें 51 फीसद लड़कियों को उपाधि मिली। इस वर्ष लड़कियों का फीसद 56 है। प्रदेश में उच्च शिक्षा में लड़कियों की बढ़ती संख्या अच्छी उपलब्धि है। इसके साथ ही 26 विश्वविद्यालयों में जो दीक्षांत समारोह हुआ, उसमें 66 फीसद गोल्ड मेडल छात्राओं को मिले। जीवन शैली के संबंध में उन्होंने कहा कि आयु बढऩे के साथ जीवन शैली में भी बदलाव आया है। आज उम्र तो बढ़ गई है, लेकिन लोग गोलियां खाकर गुजारा कर रहे हैं। ज्यादा एंटीबायोटिक से उम्र तो बढ़ जाती है लेकिन स्वास्थ्य खराब हो जाता है। इसलिए शिक्षा में इस तरह की चीजें जोड़ी जाएं जो लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें।
अपना उदाहरण भी दिया
नाईक ने अपना उदाहरण दिया कि आज वह 84 वर्ष के हैं, लेकिन 60 वर्ष की आयु में उन्हें कैंसर हो गया था। आज वह इतना स्वस्थ इसलिए हैं क्योंकि उन्हें बचपन में स्कूल में पहले पीरियड में 25 सूर्य नमस्कार कराए जाते थे। आज सभी स्कूलों में इसके बारे में जागरूक करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा से जुड़ा होने की वजह से वह भी इस पर काम करेंगे कि कैसे स्वास्थ्य को उच्च शिक्षा में जोड़ें। उनके अनुसार दवा बीमारी खत्म करती है लेकिन बीमारी से लड़ते-लड़ते कई बार मन निराश हो जाता है, इसलिए उसे मजबूत करने के लिए योग के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। इन सबसे आयु बढ़ेगी। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर कार्यवाह भैया जी जोशी, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण भाउसार आदि मौजूद रहे।












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