UP Elections 2022: दस्यु सुंदरी सीमा यादव ने किया ऐलान, जेल से लडूंगी विधानसभा चुनाव
UP Elections 2022: दस्यु सुंदरी सीमा यादव ने किया ऐलान, जेल से लडूंगी विधानसभा चुनाव
कानपुर, 21 दिसंबर: बीहड़ की खूंखार डकैत रहीं और पूर्व दस्यु सुंदरी के नाम से जानी जाने वाली सीमा यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दरअसल, सीमा यादव बीहड़ों से निकलकर सियासत के गलियारे में कदम रख रही है। जी हां.. सीमा यादव ने जेल से ही कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। कानपुर जेल से पेशी पर आई सीमा यादव ने यह ऐलान पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। हालांकि, सीमा यादव 2017 में भी सिकंदरा से विधानसभा चुनाव और मिर्जापुर से लोक सभा का चुनाव भी लड़ चुकीं हैं।
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दस्यु सुंदरी सीमा यादव ने योगी सरकार की एनकाउंटर नीति को गलत बताते हुए योगी सरकार की जमकर आलोचना की। दरअसल, सीमा यादव कानपुर जिला जेल में एक हत्या के मामले में बंद है। सीमा यादव का डेढ़ दशक पहले चम्बल के बीहड़ों में डंका बजता था। सीमा ने ऐसा दावा किया है कि वह इस बार कानपुर देहात की सिकंदरा विधान सभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। सीमा का कहना है उनसे चुनाव लड़ने के लिए कई पार्टियों ने संपर्क किया है। लेकिन वह निर्दलीय ही लड़ेंगी।
सीमा का कहना है कि वह राजनीति के गलियारे में अपने कदम रखकर समाज के लिए कुछ अलग करना चाहती है। खासकर महिलाओं को लेकर हो रहे उत्पीड़न और अत्याचार के लिए वह उनकी आवाज बनना चाहती हैं। इस दौरान दस्यु सुंदरी ने कांग्रेस की प्रियंका गांधी के कार्यों पर खुशी जताते हुए कहा कि वह अच्छा काम कर रही हैं। इस पर मीडिया की तरफ से पूछे गए सवालों में यह भी कहा गया कि क्या उन्हें कांग्रेस की तरफ से अगर चुनाव लड़ने का मौका दिया जाएगा, तो वह क्या कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ेंगी।
जानें कौन है दस्यु सुंदरी सीमा यादव
दस्यु सुंदरी सीमा यादव कानपुर देहात के थाना सिकंदरा के गांव नेहरुपुर की रहने वाली है। सीमा यादव जब 11 साल की हुई तो ही पिता जुनून सिंह ने सीमा की शादी तय कर दी थी। उस जमाने में 10 साल की होते ही लड़कियों के हाथ पीले कर दिए जाते थे। 1998 में इटावा के भवानीपुर गांव के निवासी कल्लू सिंह से शादी की गई थी वह 25 साल का था। ससुराल में आए दिन डकैतों का आना जाना सीमा को रास नहीं आ रहा था। सीमा इतना तंग आ गई कि उसने आए दिन अपने घर में विरोध शुरू कर दिया। जिसके बाद उसके ससुराल वालों ने उसे 60 हजार में डकैतों को बेच दिया था। 12 साल की उम्र में वह चंबल की डकैत बन गई।












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