डौंडियाखेड़ा में 13 दिन बाद भी सिर्फ 'सपने में ही है सोना'

डौंडियाखेड़ा में पूर्व राजा राव बख्श सिंह के किले में कथित खजाने की खोज में खुदाई कर रही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम को 13 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद अब तक सोना नहीं मिला है। क्षेत्र के उपजिलाधिकारी विजय शंकर दुबे ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि अब तक कुल 2.9 मीटर खुदाई की जा चुकी है। गुरुवार को खुदाई गहराई में नहीं की गई। बल्कि गड्ढे के अगल-बगल की मिट्टी हटाई गई। अब तक सोना या उसके जैसी कोई धातु नहीं मिली है।
उन्होंने बताया कि खुदाई स्थल पर सुरक्षा के पूर्व की तरह पुख्ता इंतजाम हैं। किसी बाहरी व्यक्ति को खुदाई स्थल की तरफ नहीं जाने दिया जा रहा है। एएसआई के महानिदेशक प्रवीण श्रीवास्तव की तरफ से दो दिन पहले कहा गया कि मौजूदा ब्लॉक में अब तक खुदाई में न तो सोना मिला और न ही कोई अन्य धातु। अब दूसरी जगह पर खुदाई हो सकती है। एएसआई अधिकारियों ने कहा कि खुदाई में मिला रसोई का चूल्हा, हड्डियां, कीलें, मिट्टी के बर्तन आदि का परीक्षण किया किया जा रहा है। ये सारी चीजें पुरातात्विक महत्व की हो सकती हैं।
उधर सोना दबा होने का सपना देखने वाले बाबा शोभन सरकार की तरफ से अभी भी जमीन के नीचे सोना होने का दावा किया जा रहा है। गौरतलब है कि शोभन सरकार के सपने के आधार पर एएसआई अधिकारी डौंडियाखेड़ा में राजा राव बख्श सिंह के खंडहरनुमा किले की विगत 18 अक्टूबर से खुदाई कर रहे हैं। सोना मिलने की संभावना क्षीण होती देख एएसआई की तरफ से बाद में साफ किया गया कि खुदाई सोने के लिए नहीं बल्कि सांस्कृतिक अवशेषों के लिए की जा रही है।












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