दुर्दांत विकास दुबे के साथी शिवम दुबे को STF ने किया गिरफ्तार, बिकरू शूटआउट में था शामिल
कानपुर। चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में 2 जुलाई की रात आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में फरार चल रहे अपराधी व दुर्दांत विकास दुबे के चचेरे भाई शिवम दुबे को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ की टीम ने शिवम दुबे को चौबेपुर से ही पकड़ा है। बता दें कि शिवम के ऊपर भी 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। वो घटना की रात से ही फरार था। फरारी के दौरान शिवम ने कई जिलों में रिश्तेदारों के यहां शरण ली। गुरुवार शाम वह टोह लेने आ रहा था, तभी एसटीएफ की टीम ने उसे साबुन फैक्ट्री के मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।

बिकरू शूटआउट कांड के दूसरे दिन यानी 3 जुलाई की सुबह पुलिस ने विकास दुबे के चचेरे भाई अतुल दुबे और मामा प्रेम प्रकाश को मुठभेड़ में मार गिराया था। इस हत्याकांड में अतुल दुबे का भाई शिवम दुबे भी नामजद है, जो शूटआउट के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस ने शिवम दुबे पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड की रात शिवम दुबे भी पुलिस से मोर्चा लेने में शामिल था। वह भी पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसा रहा था। अब गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ करने में जुटी है। उसके जरिये अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किया जा रहा है।
जमीन विवाद बना शूटआउट की वजह
दो जुलाई रात बिकरू में जो कुछ भी हुआ उसका असली जिम्मेदार शिवम ही है। शिवम के बहनोई सुनील से ही राहुल तिवारी का विवाद हुआ था। शिवम ने ही मामले में विकास दुबे को डाला था। दरअसल, जिस छह बीघा जमीन पर विवाद हुआ, वह गांव के लल्लन शुक्ला की थी। लल्लन का कोई बेटा नहीं है, केवल तीन बेटियां ज्योतिमा, प्रतिमा और सरिता हैं। ज्योतिमा की शादी गौरी लक्खा निवासी बबलू तिवारी और प्रतिमा की शादी जादेपुर निवासी राहुल तिवारी से हुई। सरिता अभी अविवाहित है। लल्लन शुक्ला ने उन्नाव के गौरी निवासी अपने भांजे सुनील तिवारी को सहयोग के लिए घर पर रख लिया। करीब साल भर पहले लल्लन शुक्ला की मौत हो गई। आरोप है कि इस बीच सुनील ने दाननामा वसीयत बनवाकर जमीन अपने नाम करवा ली। यहीं से लल्लन शुक्ला की बेटियों व दामादों से सुनील का विवाद शुरू हो गया। सुनील की शादी शिवम दुबे की बहन से हुई थी। शिवम ने जानकारी होने पर विकास को बीच में डालकर बहन की मदद की कोशिश की तो बात बिगड़ गई।












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