सरकारी खजाने में जमा होगी पीयूष जैन की अकूत संपत्ति, 16 करोड़ तक लग सकता है जुर्माना

सरकारी खजाने में जमा होगी पीयूष जैन की अकूत संपत्ति, 16 करोड़ तक लग सकता है जुर्माना

कानपुर, 04 फरवरी: इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौज स्थित ठिकानों से अकूत संपत्ति मिलने के बाद वो मीडिया ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी सुर्खियों में आ गए थे। तो वहीं अब पीयूष जैन की मुश्किले और बढ़ने वाली है। दरअसल, पीयूष जैन के ठिकानों से बरामद 196.45 करोड़ रुपए नकद और 23 किलो सोना जिसकी कीमत करीब 11 करोड़ रुपए काले धन की श्रेणी में आएगा। ऐसे में उस पर 107 फीसदी टैक्स व जुर्माना लगेगा। ऐसे में पीयूष जैन का जमा किया हुआ धन सरकारी खजाने में जमा हो जाएगा। इतना ही नहीं, पीयूष जैन को करीब 14 से 16 करोड़ रुपए तक का जुर्माना भी लग सकता है।

जेल में बंद है पीयूष जैन

जेल में बंद है पीयूष जैन

23 दिसंबर 2021 को जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) और आईटी की संयुक्त टीम ने पीयूष जैन के कानपुर और 24 दिसंबर की शाम कन्नौज स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। करीब छह दिनों तक चली छापेमारी में 196.45 करोड़ रुपए कैश मिला था। इतनी बड़ी रिकवरी होने के बाद डीजीजीआई ने पीयूष जैन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से पीयूष को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में कानपुर जिला जेल भेज दिया गया था। इस वक्त पीयूष जेल में बंद है।

Recommended Video

    Kanpur IT Raid: पीयूष जैन के बारे में आई ये बड़ी ख़बर | Piyush Jain | वनइंडिया हिंदी
    पीयूष ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा

    पीयूष ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा

    वहीं, 22 किलो सोने की सिल्ली मिली थी। इसमें 12 किलो विदेशी सोना था। इसकी जांच अलग से डीआरआई कर रही है। डीजीजीआई इस मामले में अभी भी जांच कर रही है। पीयूष जैन ने जेल में बंद काली कमाई बचाने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। लेकिन पीयूष को कोई सफलता हाथ नहीं लगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीजीजीआई की जांच व पूछताछ में उसने स्वीकारा था कि उसके पास से बरामद रकम जीएसटी चोरी की है। इसलिए टैक्स और जुर्माना सहित 52 करोड़ रुपये काट कर शेष राशि लौटा दी जाए।

    देना होगा 14 से 16 करोड़ का जुर्माना

    देना होगा 14 से 16 करोड़ का जुर्माना

    वहीं आयकर विभाग के सूत्रों को कहना है औपचारिक जांच अभी शुरू नहीं की गई है। लेकिन केस फाइल साझा होने के बाद सबसे पहले पीयूष की पूरी रकम सरकारी खजाने में चली जाएगी। जानकारों का कहना है कि पीयूष के मामले में कैश मिला है लेकिन न तो कोई दस्तावेज हैं, न ही वह बयान देने को राजी है। उस पर 107 फीसदी टैक्स लगेगा और पेनल्टी भी लगेगी। ऐसे में उसका सारा कैश और सोना सरकारी खजाने में जमा होगा। इतना ही नहीं, पीयूष जैन को करीब 14 से 16 करोड़ रुपए तक का जुर्माना भी लग सकता है।

    पीयूष जैन के घर से जानें कितना मिला कैश

    पीयूष जैन के घर से जानें कितना मिला कैश

    डीजीजीआई ने कैश के बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि पीयूष के कानपुर स्थित घर से 177.45 करोड़ रुपए का कैश बरामद हुआ है। तो कन्नौज स्थित घर से 19 करोड़ रुपए का कैश मिला है। वहीं, 23 किलो सोने के बिस्कुट भी मिली है, जिसकी कीमत करीब 11 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा, चंदन की लकड़ी का तेल भी मिला है, जो 600 किलो है और उसकी कीमत 6 करोड़ रुपए है। इस तरह से डीजीजीआई की टीम ने कैश और सामान सहित कुल 213.45 करोड़ रुपए जब्त किए हैं।

    पुश्तैनी सोना बेचकर जमा किया था कैश

    पुश्तैनी सोना बेचकर जमा किया था कैश

    पूछताछ में पीयूष जैन ने अधिकारियों को बताया कि यह रुपया उसी का है, जिसे उसने 400 किलो पुश्तैनी सोना बेचकर जमा किया था। हालांकि, पीयूष जैन के घर जांच कर रही टीम ने जब उसे पूछा कि आखिर सोना बेचने की जरूरत क्या थी? इस सवाल के जवाब में पीयूष ने बताया कि उसे अपने कारोबार में पैसा लगाना था, इसलिए सोना बेचा। लेकिन वो अधिकारियों के इन सवालों का जवाब नहीं दे सका। दरअसल, अधिकारियों ने उससे पूछा था कि पिछले पांच साल में एक नई फर्म नहीं खोली है। बिजनेस नहीं बढ़ाया है। कोई नया बिजनेस प्लान नहीं है। किसी नए कारोबार का ब्लू प्रिंट तक नहीं है, फिर भी सोना बेच दिया। फिर अफसरों ने कहा, चलो मान लेते हैं कि सोना बेचा तो कहां बेचा। इस पर पीयूष ने कहा, थोड़ा-थोड़ा कर कई साल से छोटे-छोटे ज्वैलर्स को सोना बेच रहे थे।

    जानें कौन हैं पीयूष जैन

    जानें कौन हैं पीयूष जैन

    पीयूष जैन मूलरूप से कन्नौज के छिपत्ती के रहने वाले हैं और वर्तमान में कानपुर जिले के जूही थानाक्षेत्र के आनंदपुरी में रहते हैं। पीयूष इत्र कारोबारी है और इनकी फैक्ट्री कन्नौज की इत्र वाली गली में स्थिति हैं। वहीं से पीयूष जैन अपना कारोबार चलाते थे। इनके कन्नौज, कानपुर के साथ मुंबई में भी ऑफिस हैं। कन्नौज स्थित फैक्ट्री से इत्र मुंबई जाता था। यहां से इत्र पूरे देश और विदेश में बेचा जाता है। इनकम टैक्स विभाग को पीयूष जैन की करीब 40 कंपनियां की जानकारी मिली है, जिनके माध्यम से पीयूष अपना इत्र कारोबार चला रहे थे। आज भी कानपुर की ज्यादातर पान मसाला यूनिट, पान मसाला कम्पाउंड पीयूष जैन से ही खरीदता था।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+