मनीष गुप्ता हत्याकांड: सभी छह आरोपी पुलिसकर्मी जल्द होंगे बर्खास्त, कानपुर SSP ने आगे बढ़ाई फाइल
मनीष गुप्ता हत्याकांड: सभी छह आरोपी पुलिसकर्मी जल्द होंगे बर्खास्त, कानपुर SSP ने आगे बढ़ाई फाइल
कानपुर, 12 अक्टूबर: कानपुर जिले के रियल स्टेट कारोबारी मनीष कुमार गुप्ता की मौत के बाद से फरार चल रहे छह पुलिकर्मियों में से दो पुलिकर्मियों को गोरखपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस गिरफ्त में आए इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा को जेल भेज दिया गया है। बता दें कि, दोनों पुलिसकर्मियों को जेल भेजने के बाद अब सभी आरोपी पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी करने की तैयारी शुरू हो गई है। एसपी नॉर्थ की जांच रिपोर्ट का आधार बनाते हुए कानपुर एसएसपी ने बर्खास्त करने की फाइल आगे बढ़ा दी है।

बता दें, मनीष गुप्ता की गोरखपुर के कृष्णा होटल में 27 सितंबर की रात को पुलिस की पिटाई के बाद मौत हो गई थी। पिटाई का आरोप गोरखपुर के मुसाफिरखाना थाना निरीक्षक जगत नारायण सिंह, एसआई अक्षय कुमार मिश्रा, उप निरीक्षक विजय यादव, उप निरीक्षक राहुल दुबे, मुख्य आरक्षी कमलेश सिंह यादव और आरक्षी नागरिक पुलिस प्रशांत कुमार पर लगा था। जिसके बाद सभी आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था और तभी से वो फरार चल रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर दी गई है। साथ ही, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखते हुए उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी ली गई है। इतना ही नहीं, पुलिस ने सभी आरोपित पुलिसकर्मियों की फोटो भी जारी की है।
मीनाक्षी ने पुलिस पर लगाया आरोपियों की मदद करने का आरोप
मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने पुलिस पर आरोपियों की मदद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे लोग उनकी मदद कर रहे थे। मीनाक्षी ने सवाल उठाया कि आरोपी आखिर गोरखपुर पुलिस को ही क्यों मिले? उन्होंने कहा कि वे वहीं छिपे हुए थे और पुलिस से उनको सपोर्ट मिल रहा था। मीनाक्षी ने मामले को मेरठ या कानपुर ट्रांसफर करने की मांग करते हुए कहा कि केस के ट्रायल के लिए गोरखपुर जाने पर उनकी सुरक्षा पर भी खतरा होगा।












Click it and Unblock the Notifications