Kanpur: ट्रेनिंग करते समय गंगा में डूबा पीएसी का जवान, गिनती की तो चला पता
कानपुर के डयोढ़ीघाट में 37वीं बटालियन के जवानों ने अपना अस्थायी बेस कैंप बना रखा है। यहां इन जवानों को गंगा में तैरने और पानी में डूबे हुए लोगों को बचाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस दौरान आज एक जवान की डूबकर मौत हो गई।

Kanpur News: दर्दनाक खबर उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से सामने आई है। यहां शुक्रवार 2 जून को ड्योढ़ी घाट में ट्रेनिंग के दौरान 37वीं वाहिनी पीएसी का जवान गंगा नदी में डूब गया। जवान के गायब होने के पता उस वक्त चला, जब उनकी गिनती की गई। इस दौरान एक जवान कम था, जिसके बाद उसकी तलाश में टीम को लगाया गया।
लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जवान को खोज निकाला। जवान के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया है। बता दें, यह हादसा उस वक्त हुआ, जब जवानों को तैरने और पानी में डूबे हुए लोगों को बचाने की ट्रेनिग दी जा रही थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराजपुर के ड्योढ़ीघाट में 37वीं वाहिनी पीएसी की एक टुकड़ी कैंप बनाकर गंगा किनारे रहती है। प्रशिक्षु जवानों को बीच-बीच में गंगा की जलधारा में तैराकी और गोताखोरी की ट्रेनिंग दी जाती है। जवानों को किसी आपदा या नदी आदि में डूबने के दौरान राहत व बचाव कार्य के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
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कुछ दिनों पहले ही 50 जवानों की एक टुकड़ी प्रशिक्षण के लिए ड्योढीघाट पहुंची थी। शुक्रवार सुबह लगभग 50 जवानों का समूह प्रशिक्षण के लिए गंगा की जलधारा में उतारा गया। दो घंटे के प्रशिक्षण के बाद जब जवान बाहर निकले तो औरैया निवासी 24 वर्षीय प्रहलाद नहीं दिखा।
प्रहलाद की खोजबीन शुरू की गई तो उसका कुछ भी पता नहीं चला। प्रहलाद के प्रशिक्षण के दौरान ही गंगा में डूबने की आशंका जताई गई। प्रहलाद सिंह की खोजबीन के लिए गंगा में प्रशिक्षित गोताखोरों को उतारा गया। कुलगांव चौकी इंचार्ज हीमेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान एक पीएसी का जवान डूब गया।
करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों की मदद से जवान के शव को गंगा से बाहर निकाला गया। उन्होने बनाया कि ट्रेनी जवान के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।












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