Kanpur में 5 दिनों तक चली आईटी रेड, पकड़ी गई 100 करोड़ की टैक्स चोरी..मिले 400 करोड़ के बोगस लेनदेन
Kanpur IT Raid News: इनकम टैक्स की रेड (IT Raid) से उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में सर्राफा कारोबारियों और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच हुआ है। आईटी विभाग की यह रेड सिर्फ कानपुर में ही नहीं, बल्कि देशभर में 55 ठिकानों पर हुई है। कानपुर में पिछले पांच दिनों से आईटी विभाग की यह रेड 17 जगहों पर चल रही है।
इस आईटी रेड में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की कर चोरी पकड़ी गई है। इतना ही नहीं, छापेमारी में अधिकारियों ने करीब 8 करोड़ कैश और 8 करोड़ रुपए का सोना-चांदी भी जब्त किया है। इसके अलावा 250 करोड़ की फर्जी खरीद और करीब 400 करोड़ के बोगस लेनदेन के भी सबूत आईटी विभाग को मिला है।

वहीं, लखनऊ की तीन बोगस फर्मों में सालाना 1100 से 1200 करोड़ रुपये जमा करने के सबूत भी मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभिन्न चैनलों के माध्यम से यह रकम घूमकर वापस कारोबारियों के खातों में आ जाती थी। आईटी विभाग के अधिकारियों ने विदेश से लौटे संजीव झुनझुनवाला और अमरीष अग्रवाल से पूछताछ की।
वहीं, नायागंज स्थित एक प्रतिष्ठान को सील कर दिया। जो प्रतिष्ठान सील किया गया है उसे सौरभ बाजपेई ने किराये पर दे रखा था। छापे के बाद से यह बंद था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कई महीनों से आईटी विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए हाई वैल्यू संदिग्ध लेनेदेन पर नजर रख रहा था। साक्ष्य जुटाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
इनकम टैक्स अधिकारियों की मानें तो पहली बार उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया है। बता दें कि, आईटी विभाग के 250 से ज्यादा अफसरों ने गुरुवार को राधा मोहन पुरुषोत्तम दास ज्वेल्स प्राइवेट लिमिटेड और फर्म राधा मोहन पुरुषोत्तम दास ज्वेलर्स के अमरनाथ अग्रवाल, कैलाशनाथ अग्रवाल के यहां छापा मारा।
इस दौरान आईटी टीम ने अमरेष अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल के ज्वैलरी शोरूमों और आवास पर छापा मारा। इसके अलावा इनके सहयोगी सुरेंद्र जाखोदिया, सौरभ बाजपेई के नायागंज बांग्ला बिल्डिंग स्थित दुकानों पर छापा मारा। छापेमारी में आईटी विभाग को पता चला कि अग्रवाल भाइयों की कंपनी का सालाना टर्नओवर 14 हजार करोड़ है।
फर्म का सालाना टर्नओवर 1700 करोड़ है। खबर के मुताबिक, आईटी अधिकारियों ने एमरल्ड के प्रमोटर संजीव और अमरीष अग्रवाल से पूछताछ भी की गई। सूत्रों ने बताया कि संजीव के प्रतिष्ठानों से तमाम संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। अग्रवाल परिवार के साथ इनका एक नंबर में 25 से 30 करोड़ के लेनदेन मिले हैं, जबकि तमाम संदिग्ध लेनदेन ही हैं।
यह रकम रियल इस्टेट में खपाई जा रही थी। वहीं, एमरल्ड में भी बड़े पैमाने पर निवेश के प्रमाण मिले हैं। अमरीष अग्रवाल उर्फ टीटू जो अमरनाथ अग्रवाल के बेटे हैं। इनकी भूमिका हर लेनदेन में है। टीमों ने अहमदाबाद, मुंबई और चेन्नई में भी इनके फर्म या इनसे जुड़े लोगों के यहां कार्रवाई की थी।
इन जगहों से भी करोड़ों के बोगस लेनदेन मिले हैं। इतना ही नहीं, आईटी टीम नायागंज स्थित बाग्ला बिल्डिंग पहुंची औऱ वहां एक बंद दुकान से 10 करोड़ कैश को जब्त किया। यह कैश कपड़ों की दुकान में छुपाकर रखा गया था।












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