रोडवेज बस का स्टीयरिंग अब महिलाओं के हाथ, पहले बैच की 17 लड़कियां परंपरा की बेड़ियां तोड़ने को तैयार
अब आधी आबादी की बराबरी की कवायद धीरे-धीरे यूपी में भी परवान चढ़ती दिख रही है। वजह है एक ऐसी जिम्मेदारी जो अभी तक केवल पुरुष निभाते दिख रहे थे, लेकिन अब महिलाओं ने भी इसे अपने हाथों में ले लिया है। जी हाँ, अब आपको यूपी में महिलाएं भी रोडवेज बसों का स्टीयरिंग थामे दिखेंगी। कानपुर में महिला बस चालकों का पहला बैच प्रशिक्षण लेकर इसके लिए तैयार है।
रोडवेज बसों का स्टीयरिंग महिलाओं के हाथ
आपको बता दें कि यूपी में अब बस की स्टीयरिंग बेटियों के हाथ में पहुंच गई है। शायद आपने भी आज तक रोडवेज की बस में पुरुष ड्राइवर ही देखे होंगे, लेकिन अब यह परंपरा टूट रही है। कानपुर में मौजूदा रोडवेज ड्राइवर प्रशिक्षण केंद्र का पहला महिला ड्राइवर का बैच तैयार हो गया है। यूपी के इतिहास में पहली बार यहां से 17 महिला ड्राइवर ट्रेन होकर निकली हैं।

नए करियर को लेकर उत्साहित बेटियां
सबसे खास बात यह है कि पूरे देश में इस तरह का यह पहला केंद्र है, जहां महिलाओं को बस ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं इस बैच से ट्रेन होकर निकली बेटियां भी अपने इस नए करियर को लेकर काफी उत्साहित हैं। ड्राइवर के तौर पर बस जैसा भारी वाहन चलाने में वह गर्व महसूस कर रही हैं। उनका मानना है कि आज के दौर में बेटियां जब कार, हेलीकॉप्टर, ट्रेन, हवाई जहाज चला सकती हैं तो फिर बस क्यों नहीं?

जल्द तैयार होगा दूसरा बैच
आपको बता दें कि इस महिला चालक प्रशिक्षण की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च 2021 को हुई थी। इसके बाद पुरुषों के आधिपत्य के क्षेत्र में बेटियों का पदार्पण भी हो चुका है। जल्द ही दूसरा बैच भी शुरू किया जाएगा। अभी महिला ड्राइवर सहायक के तौर पर चल रही हैं। फरवरी 2024 से वह मुख्य ड्राइवर के रूप में यात्रियों को लेकर जाएंगी।













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