समझौता एक्सप्रेस के बाद थार एक्सप्रेस पर भी पड़ा धारा 370 हटाने का असर
जोधपुर। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद से एक बार फिर भारत और पाकिस्तान की रिश्तों में तल्खी आ गई है। बौखलाहट में पाकिस्तान कई कदम उठा रहा है। नई-नई चालें चल रहा है। गुरुवार को दिल्ली-अटारी के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस को पाकिस्तान ने रोक दिया है।

सिर्फ 42 यात्रियों ने करवाई बुकिंग
वहीं, भारत से पाकिस्तान जाने वाली चलने वाली दूसरी अन्य ट्रेन थार लिंक एक्सप्रेस पर भी भारत-पाकिस्तान के रिश्तों की कड़वाहट का असर पड़ा है। गुरुवार देर शाम तक राजस्थान के जोधपुर स्थित भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से महज 42 यात्रियों ने ही बुकिंग करवाई थी। जबकि हर सप्ताह इस ट्रेन से भारत-पाक आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या 300 से 700 तक रहती है।

मुनाबाव व खोखरापार हैं आखिरी स्टेशन
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को निलंबित करने के साथ ही समझौता एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इधर, भारत से पाकिस्तान जाने वाली गाड़ी संख्या 14889/90 थार लिंक एक्सप्रेस शुक्रवार रात 12 बजे जोधपुर स्थित भगत की कोठी उप नगरीय रेलवे स्टेशन से रवाना हुई है। यह गुरुवार को पाकिस्तान से वापस आती है या नहीं। इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। भारत में इसका आखिरी रेलवे स्टेशन राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित मुनाबाव और पाकिस्तान में खोखरापार है।

रद्द हुई तो दोनों तरफ बढ़ेगी मुश्किल
यदि थार लिंक एक्सप्रेस ट्रेन रद्द होती है तो पाकिस्तान से वीजा लेकर भारत आए पाकिस्तानी और भारत से पाकिस्तान गए भारतीय नागरिकों के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है। गत 3 अगस्त 2019 को पिछले फेरे में थार लिंक एक्सप्रेस ट्रेन में 137 भारतीय और 128 पाक नागरिक पाकिस्तान गए थे। वहीं 4 अगस्त 2019 को वापसी में 137 भारतीय और 232 पाक नागरिक भारत आए थे।

2006 से चल रही है दोस्ती की ट्रेन
वर्ष 1965 के युद्ध से पहले भारत-पाकिस्तान के बीच रेल का संचालन जोधपुर से कराची तक होता था। 1965 के युद्ध में रेल पटरियां क्षतिग्रस्त होने और दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति होने से रेलमार्ग को बंद कर दिया गया। बाद में 41 साल बाद 18 फरवरी 2006 को इस ट्रेन को वापस शुरू किया गया। 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला व 26 फरवरी 2019 को भारत की ओर से पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बने तनावपूर्ण माहौल के बावजूद इस ट्रेन का संचालन होता रहा। रेलवे सूत्रों के अनुसार 2006 से अब तक करीब सवा तेरह साल में करीब साढ़े चार लाख यात्रियों ने इस ट्रेन से यात्रा की है।

थार एक्सप्रेस : फैक्ट फाइल
-4 लाख से अधिक भारत-पाक नागरिक कर चुके यात्रा
-7 घंटे 5 मिनट की रेल यात्रा
-13 साल से संचालित हो रही है थार एक्सप्रेस
-389 किलोमीटर का तय करती है सफर
क्या कहते हैं अधिकारी
भारत पाकिस्तान के बीच चलने वाली थार लिंक एक्सप्रेस को रद्द करने के संबंध में जोधपुर रेल मण्डल के पास अब तक किसी प्रकार के आदेश या सूचना नहीं है।
-गोपाल शर्मा, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, जोधपुर रेल मण्डल












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