सब्जी बेचने वाले बुजुर्ग का रिटायरमेंट, ग्रामीणों ने डेढ़ लाख रुपए जुटाकर गाजे-बाजे से भेजा घर
Vegetable Seller Farewell Ceremony: जोधपुर के गांव खांगटा के 75 साल के पारसराम माली बीते 45 साल से सिर पर सब्जी रखकर घर-घर जाकर बेचा करते थे।
नौकरी से रिटायरमेंट होने पर तो विदाई समारोह खूब देखे होंगे, मगर यह समारोह अनूठा है। इसमें सब्जी बेचने वाले बुजुर्ग को शानदार विदाई दी गई है।
खास बात यह है कि विदाई उन लोगों ने दी जिनके गांव-कस्बे में यह 75 वर्षीय बुजुर्ग पारसराम माली पिछले 45 साल से सिर पर टोकरी रखकर सब्जी बेचा करते थे।

जानकारी के अनुसार राजस्थान के जोधपुर जिले की पीपाड़ तहसील के गांव खांगटा निवासी पारसराम माली घर-घर जाकर सब्लजी बेचा करते थे। यह सिलसिला 45 साल से चल रहा था।
अब उम्र अधिक होने पर पारसराम माली ने सब्जी बेचना बंद करने की ठानी। इस पर ग्रामीण भावुक हो गए और उन्होंने पारसराम को रिटायरमेंट पार्टी देने का फैसला किया।

गांव खांगटा के लोगों ने स्वैच्छा से 1 लाख 51 हजार रुपए जुटाए। फिर माला व साफा पहनाकर पारसराम माली का न केवल सम्मान किया बल्कि गाजे-बाजे से उसे घर तक छोड़कर भी आए।
मीडिया से बातचीत में प्रकाश बोराणा ने बताया कि पारसराम ने 45 साल तक गांव वालों ताजा सब्जियां खिलाई है। ग्रामीण उनको काका बोलते हैं। हम बचपन से उनको सब्जी बेचते देखते आ रहे हैं।

पारसराम पीपाड़ के रहने वाले हैं। वे सब्जी बेचने के लिए रोजाना गांव खांगटा आते थे। कभी बच्चे उनसे बिना पूछे गाजर-मूली उठा भी लेते तो वे गुस्सा नहीं होते। उनके स्नेह और अपनेपन की वजह से उनको गांव खांगटा से पीपाड़ घर तक ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचाया है।












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