जोधपुर एम्स में कोरोना का इलाज करवा रहे आसाराम की जमानत याचिका खारिज
जोधपुर, 21 मई। कोरोना का इलाज करवा रहे आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। फिलहाल आसाराम जोधपुर के एम्स में भर्ती है। आयुर्वेद पद्धति से दो माह तक उपचार लेने के लिए आसाराम ने जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए याचिका लगाई गई थी, जिस पर सुनवाई करने करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता और देवेंद्र कछवाहा की खंडपीठ ने खारिज किया है।

आसाराम 2013 से जेल में
आश्रम की छात्र के साथ दुष्कर्म के मामले में साल 2013 से जेल में बंद आसाराम की तबीयत में सुधार बताया जा रहा है। ऐसे में उन्हें फिर से अस्पताल से जेल भेजने की तैयारियां की जा रही हैं। बता दें कि मई की शुरुआत में आसाराम की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले जोधपुर के गांधी अस्पताल लाया गया था। इसके बाद उसे कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर एम्स शिफ्ट कर दिया गया था।
एम्स को तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजने को कहा
आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने जोधपुर एम्स से तथ्यात्मक रिपोर्ट के साथ अन्य सभी जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था। इसके बाद जोधपुर एम्स में भर्ती आसाराम की एंडोस्कोपी की भी हुई थी। उनको अल्सर की शिकायत थी। हाईकोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश देवेन्द्र कच्छवाह की खंडपीठ ने एलोपैथी पद्धति से अल्सर का इलाज कराने का कहते हुए जमानत आवेदन को खारिज कर दिया।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दुष्कर्म के आरोपी आसाराम को अंतिम श्वास तक जेल में रहने की सजा सुनाई जा चुकी है। साल 2013 के बाद से आसाराम 15 से अधिक बार जमानत याचिका लगाई, मगर एक बार याचिका स्वीकार नहीं हुई।












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