जोधपुर : होटल लक्ष्मी विलास घोटाला, आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

जोधपुर। राजस्थान की लेकसिटी उदयपुर में द ललित ग्रुप के होटल लक्ष्मी विलास मामले में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने सीबीआई कोर्ट की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 8 अक्टूबर से पहले जमानती मुचलके भरने का आदेश दिया है। इसके साथ ही बिना अनुमति देश छोड़कर बाहर जाने पर भी रोक लगा दी है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट की नजीर पेश की

सुप्रीम कोर्ट की नजीर पेश की

याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट की नजीर पेश करते हुए कोर्ट में दलील दी कि मामले में पहली दफा सीधे गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किए जा सकते। पहले आरोपियों को समन जारी करें अगर वह कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हो तो ही गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा सकते हैं।

जमानती बांड भरना होगा

जमानती बांड भरना होगा

कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में आरोपी ज्योत्सना सूरी को सीबीआई कोर्ट के समक्ष 8 अक्टूबर को व्यक्तिगत उपस्थित होकर 5 लाख का जमानत बांड और ढाई लाख का अन्य जमानती बांड भरना होगा। इसके अलावा इसी मामले में अन्य आरोपी प्रदीप बेंजेल और आशीष गुहा को 2-2 लाख के निजी बॉन्ड और 1-1 लाख के सहयोगी बांड भरने के आदेश दिए हैं।

15 अक्टूबर तक जवाब मांगा

15 अक्टूबर तक जवाब मांगा

वकील निशांत बोड़ा ने बताया कि होटल लक्ष्मी विलास मामले में जोधपुर हाई कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी कर 15 अक्टूबर तक जवाब मांगा है। होटल पर रिसीवर नियुक्त करने के सीबीआई कोर्ट के आदेश पर भी अंतरिम रोक लगा दी गई है। मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी की याचिका पर सुनवाई नहीं हो पाई।

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