Dilip Kumar : दिलीप कुमार की पाकिस्तान यात्रा के वो यादगार किस्से, पेशावर में बीता था बचपन
जोधपुर, 7 जुलाई। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का बुधवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे निधन हो गया। वे 98 साल के थे। उन्होंने मुंबई के हिंदुजा हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। महान कलाकार दिलीप कुमार का निधन होने की सूचना मिलते ही कई लोग सदमे में है और उनको श्रद्धांजलि दे रहे हैं ऐसे ही एक शख्स सुरेश मल माथुर जो साल 1991 में भारतीय उच्चायोग इस्लामाबाद में तैनात थे।

उस दौरान दिलीप कुमार ने पाकिस्तान का दौरा किया था। उस दौरे को याद करते हुए भारतीय उच्चायोग के अधिकारी रहे जोधपुर निवासी सुरेश मल माथुर बताते हैं। साल 1991 में दिलीप कुमार पाकिस्तान गए थे इस दौरान अपने पैतृक निवास पेशावर नहीं गए थे। दिलीप कुमार के पाकिस्तान पहुंचने के बाद उच्च आयोग के कार्यालय में जाने की मंशा जताई तो उच्चायुक्त में मौजूद अधिकारियों ने दिलीप कुमार के लिए एक पार्टी रखी और जानी-मानी हस्तियां इस पार्टी में शामिल हुई थी।
सुरेश मल माथुर उस दिन को याद करते हुए कहते हैं कि दिलीप कुमार बहुत ही सरल स्वभाव के थे और ऐसे बात करते थे जैसे वो आपको सालों से उन्हें जानते हो। एक रोचक घटना का जिक्र करते हुए सुरेश मल माथुर याद करते हैं कि उस दिन एयरपोर्ट में बड़ी संख्या में दिलीप कुमार के फैन उनसे मिलना चाहते हैं।

पाकिस्तान एयरलाइन्स के उस वक्त के टॉप अधिकारी ये जानने के लिए उत्सुक थे कि दिलीप कुमार यात्रा किस नाम से कर रहे हैं। वो अपने पुराने पाकिस्तानी नाम यूसुफ खान के साथ यात्रा कर रहे हैं या नए नाम दिलीप कुमार के साथ जो उन्हें भारत में मिला है।
सुरेश मल माथुर कहते हैं कि दिलीप कुमार की तबीयत लंबे समय से ठीक नहीं थी। उन्हें कई बार हॉस्पिटल में भी भर्ती करना पड़ा। दिलीप कुमार को पिछले एक महीने में दो बार अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। दिलीप कुमार का असली नाम मोहम्मद यूसुफ खान था। दिलीप साहब का जन्म 11 दिसंबर 1922 को ब्रिटिश इंडिया के पेशावर में हुआ है। पेशावर अब पाकिस्तान में है।












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