राजस्थान बॉर्डर पर जैसमलेर में होगी अटारी बॉर्डर जैसी बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी, सेना ने शुरू की तैयारी
जोधपुर, 27 जनवरी। सीमा सुरक्षा बल राजस्थान फ्रंटियर राजस्थान में द रिट्रीट सेरेमनी जैसा कार्यक्रम होगा। इसके लिए सीमा चौकी बवलियान जैसलमेर, सीमा चौकी साजू बीकानेर और खाजूवाला में इसकी योजना है। प्रथम चरण में तनोट माता मंदिर के पास वाली सीमा पर अगले माह तक कार्यक्रम शुरू हो जाएगा।

सीमा सुरक्षा बल के राजस्थान फ्रंटियर के आईजी पंकज घूमर ने गणतंत्र दिवस पर संवाददाता सम्मेलन में बताया कि प्रत्येक देशवासी अंतर्राष्ट्रीय सीमा देखने की चाहत रखता है। इसको ध्यान में रखते हुए बीएसएफ और राज्य सरकार के संबंध में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बॉर्डर टूरिज्म डेवलप किया जा रहा है।
सीमा सुरक्षा बल राजस्थान के तत्वावधान में जैसलमेर के पास बलिया चौकी पर अटारी बॉर्डर का नजारा अगले महीने से नजर आएगा। बावलियान चौकी पर 2000 लोगों के बैठने की क्षमता का स्टेडियम तैयार करवाया गया है।
शुरुआती दौर पर वीकेंड पर यहां भारतीय सीमा में मीटिंग रिट्रीट का आयोजन किया जाएगा। हालांकि पाकिस्तान की ओर से ऐसा कोई आयोजन नहीं होगा, क्योंकि पाकिस्तान की पोस्ट 2 किलोमीटर दूरी पर है। यह चौकी तनोट माता मंदिर से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
बवलियान की चौकी के अलावा खाजूवाला सांजू बीकानेर में भी बॉर्डर टूरिज्म विकसित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर सीमा सुरक्षा बल की ओर से सीमा पर अधिक सुरक्षा के मद्देनजर 22 जनवरी से 28 जनवरी तक ऑपरेशन अलर्ट चलाया जा रहा है।
इस दौरान सीमा पर ज्यादा से ज्यादा अधिकारी और जवानों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग भी किया जा रहा है। सघन पेट्रोलिंग के साथ संगत और संसाधनों तथा हत्यारों की रैकिंग में ट्रैकिंग के 7 जवानों को ट्रेनिंग दी जा रही है।
पाकिस्तान बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल के सामने एक नई चुनौती बना हुआ है, लेकिन बहुत कम समय में हमने एंटी ड्रोन सिस्टम विकसित कर लिया है। पहले अलग तरह की चुनौती थी। अब ड्रोन पर शिफ्ट हो गई है। हमने हमारे जवानों को एंटी ड्रोन सिस्टम के तहत मैकेनिज्म को लेकर प्रशिक्षण कर दिया है।
इस चुनौती का गंभीरता के साथ हम मुकाबला भी कर रहे हैं इसके लिए लोकल पुलिस है वह एयरपोर्ट से भी कोऑर्डिनेटर कर रहे हैं जो ड्रोन की चुनौती में हमारी सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
वर्तमान समय में सीमावर्ती क्षेत्र गंगानगर में पंजाब की तरफ से नशीली पदार्थों की तस्करी हो रही है। इसके चलते बॉर्डर पर धरपकड़ भी की जा रही है। बीएसएफ की गत वर्ष की सीमावर्ती क्षेत्रों में हासिल की गई उपलब्धि के बारे में भी बताया। जवानों ने गत वर्ष जून में 300 करोड़ रुपए की 57.541 किलो हेरोइन बरामद की थी।












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