Asha Kandara RAS : जोधपुर की सड़कों पर झाड़ू लगाने वाली दो बच्चों की मां आशा कंडारा बनीं SDM
जोधपुर, 15 जुलाई। राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा (RAS exam 2018) में जोधपुर की आशा कंडारा ने कमाल कर दिया है। आशा कभी सड़कों पर झाड़ू लगाया करती थीं और अब वे आरएएस अफसर बन गई हैं।

आशा कंडारा आरएएस जोधपुर
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में आशा कंडारा के भाई धर्मेंद्र ने बहन के संघर्ष की पूरी कहानी बयां की। धर्मेंद्र ने बताया कि हम जोधपुर के मोहल्ला बड़वासिया के रहने वाले हैं। बहन के संघर्ष के बाद कामयाबी की मिसाल बनने पर गर्व हो रहा है।

पिता लेखा सेवा से रिटायर
बता दें कि सड़कों पर झाड़ू लगाने वालीं से लेकर आरएएस अधिकारी बनने तक का सफर तय करने वालीं आशा कंडारा जोधपुर के राजेंद्र कंडारा की बेटी है। राजेंद्र कंडारा लेखा सेवा से रिटायर हो चुके हैं।

एक बेटा व बेटी की परवरिश की
आशा कंडारा की शादी 1997 में जोधपुर निवासी शख्स से हुई थी। इनके एक बेटा ऋषभ व बेटी पल्लवी है। शादी के पांच साल पति से अलगाव हो गया था। इसके बाद भी आशा ने हिम्मत नहीं हारी और अपने दोनों बच्चों की परवरिश के साथ-साथ पढ़ाई भी जारी रखी।

आरएएस परीक्षा के 12 दिन बाद बनीं सफाईकर्मी
साल 2016 में पल्लवी ने स्नातक की डिग्री हासिल की और
फिर सफाई कर्मचारी भर्ती परीक्षा 2018 में चयन हो गया। इसी दौरान आशा आरएएस की तैयारी कर रही थी। आरएएस की परीक्षा के 12 दिन बाद ही आशा को सफाई कर्मचारी पद पर नियुक्ति मिल गई थी।

दो साल तक लगाई झाड़ू
जोधपुर के उत्तर नगर में बतौर सफाईकर्मी आशा पिछले दो साल से सड़कों पर झाड़ू लगाया करती थी। अब मंगलवार रात को राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर ने आरएएस परीक्षा 2018 का रिजल्ट जारी किया है, जिसमें आशा को 700 से अधिक रैंक मिली है।

पावटा की मुख्य सड़क पर करती थीं सफाई
आशा के भाई धमेंद्र के अनुसार उनकी बहन को उत्तर नगर निगम जोधपुर में सफाईकर्मी के रूप में नियुक्ति मिलने के बाद उन्हें जोधपुर में पावटा की मुख्य सड़क पर सफाई के लिए बनाई सफाई गैंग में लगाया था।












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