झारखंड में क्यों बंद किया 2 दिन इंटरनेट? पेपर लीक रोकने का ये तरीका है? अब हाई कोर्ट ने भी हेमंत से मांगा जवाब
Jharkhand Internet Ban: झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (JGGLCCE) की परीक्षा की वजह से राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने 21 और 22 सितंबर को मोबाइल इंटरनेट बंद रखने का फैसला किया। हेमंत सोरेन सरकार ने ये फैसला पेपर लीक को रोकने की लिए की है। हेमंत सोरेन सरकार का ये फैसला उनपर भारी पड़ सकता है।
झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार से जवाब मांगा है कि उन्होंने आखिर राज्य में दो दिन इंटरनेट बंद रखने का फैसला क्यों किया है? साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले हेमंत सोरेन के इस फैसले को लेकर विपक्षी पार्टी भाजपा भी हावी है। सोशल मीडिया पर भी लोग लिख रहे हैं कि क्या सारे तंत्र फेल हो गए थे जो हेमंत सोरेन सरकार को ये फैसला लेना पड़ा।

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झारखंड हाई कोर्ट ने पूछा- किन नीतियों के तहत इंटरनेट बंद की गई?
झारखंड हाई कोर्ट ने 21 सितंबर को राज्य सरकार को एक याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया है। झारखंड हाई कोर्ट ने जवाब मांगा है कि आखिर किन प्रावधानों और नीतियों के तहत राज्य में दिन में कई घंटों के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गई हैं?
न्यायमूर्ति आनंद सेन और न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ झारखंड राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्ण द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने शनिवार को पांच घंटे से अधिक समय तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने के लिए सरकार पर सवाल उठाया था।
बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्ण ने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद को एक पत्र लिखा, जिसमें सरकार की उस अधिसूचना का उल्लेख किया गया, जिसके तहत 21 सितंबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक राज्य में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।
अधिसूचना के मुताबिक, झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (JGGLCCE) के कारण 22 सितंबर को इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित रहेंगी। 22 सितंबर यानी आज झारखंड में सुबह 4 बजे से ही मोबाइल इंटरनेट बंद रखा गया है और शाम 3:30 बजे तक बंद रहेगा।
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हाई कोर्ट ने 4 हफ्ते के भीतर हेमंत सरकार को जवाब देने का दिया निर्देश
पीठ ने हेमंत सोरेन सरकार को चार सप्ताह के भीतर याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। हालांकि हाई कोर्ट ने सरकार को 22 सितंबर को इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने से नहीं रोका।
सुनवाई के दौरान कृष्णा ने कहा कि इंटरनेट सेवाओं के निलंबन के कारण बैंकिंग और परिवहन सहित सभी व्यावसायिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कृष्णा ने अदालत के सामने कहा, "सरकार की कार्रवाई के कारण राज्य के लोग ठप हो गए हैं। अगर सरकार एक महीने में पांच परीक्षाएं आयोजित करने का इरादा रखती है, तो क्या राज्य प्रशासन परीक्षाओं की तारीखों पर सभी इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर देगा।" मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद फिर से होगी।












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