कौन हैं मंत्री इरफान अंसारी? जो पहलगाम हमले में मारे गए परिवारों को देंगे अपना 4 महीने का वेतन
Irfan Ansari on Pahalgam attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में कुल 26 लोगों की मौत हो गई है। इसी बीच झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. इरफान अंसारी ने एक सराहनीय कदम उठाया है जिसकी काफी तारिफ हो रही है।
दरअसल, कांग्रेस नेता ने पहलगाम आतंकि हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता पर प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि ये हमला भारत की आत्मा पर हुआ है और इस समय पूरे देश को एकजुट होकर देश के साथ खड़े रहने की जरूरत है।

इसके साथ ही डॉ. अंसारी ने यह घोषणा की है कि वे जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिवारों को अपना चार महीने का वेतन दान करेंगे। इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। आईए जानते हैं कौन हैं डॉ. इरफान अंसारी जिनके इस फैसले की लोग तारिफ कर रहे हैं...
Who is Irfan Ansari: कौन हैं इरफान अंसारी?
देश की राजनीति में कुछ ऐसे चेहरे होते हैं जो अपनी राजनीतिक कार्यों के अलावा जनता के साथ अपनी संवेदनाओं के लिए भी जाने जाते हैं और झारखंड की राजनीति में डॉ. इरफान अंसारी ऐसा ही एक जाना-माना नाम हैं। डॉ. अंसारी वर्तमान में झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं और कांग्रेस पार्टी के एक सक्रिय एवं प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा, सामाजिक योगदान और जनसेवा की भावना उन्हें अन्य नेताओं से अलग करती है।
Irfan Ansari की राजनीति में एंट्री
डॉ. इरफान अंसारी का जन्म एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में हुआ उनके पिता, डॉ. हसन अंसारी, भी एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधायक रह चुके हैं।। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की और डॉक्टर बने। एक डॉक्टर के रूप में उन्होंने न केवल मरीजों का इलाज किया, बल्कि गरीबों और वंचितों के लिए मुफ्त चिकित्सा सेवा प्रदान करके समाज सेवा की शुरुआत की।
डॉ. अंसारी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपने पॉलटिकल जर्नी की शुरूआत की और जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र से 2014 में पहली बार चुनाव लड़ा और विधायक बने। इसके बाद 2019 के झारखंड विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने बड़ी जीत हासिल की और अपनी लोकप्रियता को साबित किया।। उनके लोकप्रियता और काम के प्रति निष्ठा ने उन्हें जल्द ही पार्टी में एक मजबूत और विश्वसनीय नेता बना दिया।
डॉ. अंसारी का राजनीति में प्रवेश महज सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं था, बल्कि उनके लिए यह एक माध्यम था - गरीबों, पिछड़ों और आम जनता की आवाज़ बनने का। यही कारण है कि जामताड़ा और आसपास के क्षेत्रों में वे जनता के बीच "जननेता" के रूप में प्रसिद्ध हैं।
Irfan Ansari: मंत्री के रूप में भूमिका
झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर डॉ. अंसारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति बढ़ाने और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर विशेष ध्यान दिया। कोविड-19 महामारी के दौरान भी डॉ. अंसारी ने मोर्चा संभाला और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए दिन-रात काम किया।
राजनीति और मंत्रालय के कामों के अलावा डॉ. इरफान अंसारी सामाजिक कार्यों में भी काफी सक्रिय रहते हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कई जनहितकारी योजनाओं की पहल की। गरीब बच्चों के लिए किताबें और वर्दी उपलब्ध कराना, स्वास्थ्य शिविर लगाना, और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करना उनके कुछ प्रमुख प्रयास हैं।
Irfan Ansari का विवादों से दूरी
डॉ. अंसारी की राजनीतिक छवि साफ-सुथरी मानी जाती है। हालांकि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम हैं कभी-कभी उनके बयानों से विवाद खड़े हुए हैं फिर भी वे बड़े विवादों से दूर रहे हैं और हमेशा सकारात्मक राजनीति के समर्थक रहे हैं।












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