Sita Soren: BJP को लग सकता है बड़ा झटका! सीता सोरेन की घर वापसी की क्यों लग रहीं अटकलें? 5 बड़ी वजह
Sita Soren News: झारखंड की राजनीति में इन दिनों बड़ी हलचल देखी जा रही है। विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन की बड़ी बहू सीता सोरेन की 'घर वापसी' को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
2024 में लोकसभा और विधानसभा दोनों चुनाव हारने के बाद अब चर्चा है कि वह फिर से अपनी परिवार की पार्टी जेएमएम में शामिल हो सकती हैं। इसके पीछे कई अहम वजहें मानी जा सकती हैं।

Sita Soren JMM: 1) बीजेपी के टिकट पर खुद एक भी चुनाव नहीं जीत सकीं
सीता सोरेन ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का दामन थाम कर झारखंड की राजनीति में सनसनी मचा दी थी। वह दौर जेएमएम के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण था। बीजेपी से उन्हें दुमका सीट से टिकट दिया गया, लेकिन जेएमएम के उम्मीदवार ने उन्हें हरा दिया।
इसके बाद, पिछले साल ही नवंबर के झारखंड विधानसभा चुनाव में भी उन्हें कांग्रेस (जेएमएम की सहयोगी) के हाथों जामताड़ा सीट से हार का सामना करना पड़ा। इन दोनों हारों से यह बात सामने आई है कि बीजेपी में रहते हुए उन्हें निजी तौर पर अभी तक कोई चुनावी फायदा नहीं मिल पाया है।
Sita Soren BJP: 2) झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी की करारी हार और जेएमएम का मजबूत प्रदर्शन
2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी को राज्य में करारा झटका लगा। वह पूरा दम लगाने के बाद भी जेएमएम को सत्ता से बेदखल नहीं कर सकी। दूसरी तरफ जेएमएम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता बरकरार रखी।
यह दिखाता है कि झारखंड की राजनीति में फिलहाल जेएमएम का दबदबा कायम है। ऐसे में, सीता सोरेन के लिए बीजेपी में बने रहने का राजनीतिक फायदा कम नजर आ रहा है, और उनकी जेएमएम में वापसी होती है तो उनकी निजी संभावनाएं बीजेपी में रहने के मुकाबले ज्यादा बेहतर हो सकती हैं।
Sita Soren News: 3) झारखंड में बीजेपी से पांच के लिए सत्ता हो चुकी है दूर
झारखंड में बीजेपी के लिए आगामी पांच वर्षों तक सत्ता में वापसी की संभावना नहीं है। विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि बीजेपी फिलहाल झारखंड में मजबूत स्थिति में नहीं है।
ऐसे में, सीता सोरेन को राजनीतिक रूप से मजबूत आधार की जरूरत है, जो उन्हें जेएमएम में ही मिल सकता है। उस पार्टी को बनाने में उनके दिवंगत पति दुर्गा सोरेन का भी बड़ी योगदान रहा है और इस वजह से कार्यकर्ताओं के दिलों में अभी भी उनके लिए जगह खाली है।
Sita Soren JMM: 4) ससुर शिबू सोरेन के आशीर्वाद से सत्ता के करीब रहने का मिल सकता है मौका
शिबू सोरेन झारखंड की राजनीति खासकर मौजूदा परिस्थितियों में एक बड़ी शख्सियत हैं और उनकी पार्टी जेएमएम राज्य में काफी मजबूत स्थिति में है। अगर सीता सोरेन जेएमएम में वापसी करती हैं, तो उन्हें शिबू सोरेन का आशीर्वाद मिल सकता, जिससे उन्हें सत्ता का स्वाद चखने का अवसर मिलता रहेगा।
थोड़ा गिला-शिकवा दूर हो जाए तो पारिवारिक समीकरण उनकी वापसी को सहज बना सकते हैं। हालांकि, यह सब कुछ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनसे भी ज्यादा उनकी पत्नी कल्पना सोरेन की इच्छा पर निर्भर है। लेकिन, अगर एक बार शिबू सोरेन से 'हां'कहलवाने में सफल हो गईं तो फिर यह बहुत मुश्किल भी नहीं है।
Sita Soren Politics: 5) बीजेपी जैसी पार्टी में रहने का अब नहीं दिख रहा कोई फायदा?
बीजेपी में रहते हुए सीता सोरेन को न तो चुनावी सफलता मिली और न ही कोई बड़ी राजनीतिक पहचान। इसके विपरीत, जेएमएम में उनकी वापसी से उन्हें फिर से राजनीतिक सक्रियता का अवसर मिल सकता है।
हाल ही में उन्होंने अपने देवर और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार की प्रशंसा की थी, जिससे उनके जेएमएम में लौटने की अटकलों को और बल मिला है।











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