झामुमो नेताओं ने केंद्र सरकार पर लगाए बड़े आरोप,कहा झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने का किया जा रहा है प्रयास
Jharkhand: झारखंड के सत्तारूढ़ दल झामुमो ने आरोप लगाया है कि सीएम आवास में शनिवार को ईडी की पूछताछ के दौरान केंद्रीय बल सीआरपीएफ के 500 से ज्यादा जवान मुख्यमंत्री आवास में बिना प्रशासनिक अनुमति के प्रवेश करना चाहते थे। वह झामुमो के कार्यकर्ताओं से उलझ रहे थे। इसमें सीआरपीएफ के आइजी सहित कमांडेट और अन्य वरीय अधिकारियों की भूमिका है।

रविवार को झारखंड मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय और सुप्रियो भट्टाचार्य ने एक बयान जारी करके कहा कि यदि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संयम का परिचय नहीं दिया होता, तो हिंसक परिस्थिति पैदा हो सकती थी। केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों के पक्षपातपूर्ण व्यवहार के विरुद्ध शनिवार को आम लोगों और कार्यकर्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। जिस कारण मद्देनजर जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू की थी।
तभी अनायास ही सीआरपीएफ के सैकड़ों जवान बसों में भरकर बिना अनुमति या सूचना के मुख्यमंत्री आवास में प्रवेश करने की चेस्टा करने लगे और झामुमो कार्यकर्ताओं से उलझने भी लगे। विनोद पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार के लोग चाहते थे कि सीआरपीएफ और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो जाए ,प्रदर्शनकारी उग्र होकर हमला कर दें ताकि झारखंड सरकार पर संवैधानिक तंत्र की विफलता का आरोप लगाकर राष्ट्रपति शासन की भूमिका तैयार की जा सके। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई एवं पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
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