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'ऐसा लगा कि अब नहीं बचूंगा', देवघर हादसे में बचे लोगों की आपबीती पढ़ सिहर जाएंगे

देवघर, 12 अप्रैल। ऐसा कई बार लगा कि अब मैं बच नहीं पाऊंगा। ये कहना है देवघर रोपवे हादसे में फंसकर मौत के मुंह से बाहर निकले संदीप का जिन्हें रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला था। रेस्क्यू किए जाने के बाद जब संदीप मीडिया के सामने आए तो उनके मुंह से यही निकला कि ये मेरा पुनर्जन्म है।

तीन दिन बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा

तीन दिन बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा

झारखंड स्थित देवघर में रोपवे हादसे के तीसरे दिन रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है। रविवार को हादसे के बाद से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन आज मंगलवार को खत्म हुआ। तीन दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 46 लोगों को सुरक्षित निकाला गया जबकि तीन लोगों की मौत हो गई। ऑपरेशन इतना मुश्किल था कि सेना को इस काम में लगाना पड़ा। इतने बड़े हादसे से सुरक्षित बचकर निकल आने वाले इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे।

न पानी न खाना, पूरी रात जागते रहे

न पानी न खाना, पूरी रात जागते रहे

बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले संदीप यादव भी उन लोगों में थे जो बाबा वैद्यनाथ धाम के दर्शन को आए थे और यहां ट्रॉली पर चढ़े लेकिन ये उनकी जिंदगी का सबसे खौफनाक लम्हा बन गया। संदीप 20 घंटे से ज्यादा समय तक ट्रॉली में फंसे रहे। उन्होंने बताया मैं एक कुर्सी में फंसा हुआ था और हेलीकॉप्टर की मदद से बाहर निकाला गया। संदीप कहते हैं कि डर के मारे वह पूरी रात ट्रॉली में एक कुर्सी पर बैठे जागते रहे। यही नहीं उनके पास पीने का पानी तक नहीं था।

पहले बताया गया हल्की खराबी

पहले बताया गया हल्की खराबी

संदीप ने बताया कि चार बजे के करीब अचानक ट्रॉली रुक गई तब उन्हें और साथ बैठे लोगों को लगा कि शायद लाइट चली गई है। लेकिन काफी देर बाद भी नहीं चली तो उन्होंने ट्रॉली में लिखे नंबर पर फोन किया तब वहां से बताया गया कि थोड़ी खराबी आई है जल्द ठीक हो जाएगी। इंतजार में दो घंटे बीत गए तो उन्होंने दोबारा फोन किया तब जाकर हादसे के बारे में बताया गया।

लगा अब बचना मुश्किल

लगा अब बचना मुश्किल

उन्होंने आगे कहा कि धीरे-धीरे डर हावी होता जा रहा था लेकिन जब रात के 8 बज गए तो लगा कि अब बचना मुश्किल है। पहाड़ी पर ट्रॉली में हम हवा में लटके हुए थे। न हमारे पास खाना था न पीने को पानी। भगवान को याद करते रहे कि किसी तरह सुबह हो जाए तो शायद हम तक मदद पहुंच जाए। सुबह होने पर जवान मौके पर पहुंचे और रस्सी के जरिए चढ़कन उन्हें बचाया गया।

भगवान का चमत्कार

भगवान का चमत्कार

कुछ यात्री ऐसे भी हैं जो इस हादसे में सुरक्षित बच पाने को भगवान का चमत्कार ही मानते हैं। शुभम उन्हीं लोगों में हैं। शुभम ने बताया कि वह बाबा धाम आए थे। शुभम कहते हैं कि जब ट्रॉली में थे तो वह हवा के चलते जोर-जोर से हिल रही थी। लगता कि अब मौत आई कि तब। लेकिन ये सब बाबा की पूजा का ही फल है कि इतने बड़े हादसे के बाद आज पूरा परिवार सुरक्षित है। हालांकि उन्होंने कहा कि अब दोबारा कभी ट्रॉली में नहीं बैठेंगे।

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