हरियाणा के नतीजों से झारखंड में क्यों गदगद है JMM-कांग्रेस?
Jharkhand Chunav 2024: हरियाणा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद जहां देशभर में पार्टी के भीतर मातम की स्थिति है, वहीं झारखंड के कांग्रेस और उसकी सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता इस हार में भी अपने लिए एक उम्मीद देख रहे हैं। उन्हें लगता है कि हरियाणा में प्रो-इंकंबेंसी ने भाजपा के पक्ष में काम किया है, जो आने वाले झारखंड चुनाव में भी उनके हक में काम कर सकता है।
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन की सरकार है। अगले महीने महाराष्ट्र के साथ यहां भी विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। अगले हफ्ते इसके लिए तारीखों की घोषणा हो सकती है।

हरियाणा में बीजेपी की जीत से जेएमएम-कांग्रेस क्यों है खुश?
सीएम हेमंत सोरेन भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल से होकर लौटे हैं। उनके सबसे खास सहयोगी और पूर्व सीएम चंपाई सोरेन साथ छोड़कर विपक्षी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। चुनौतियां बड़ी हैं। लेकिन, हरियाणा के परिणामों ने गठबंधन नेताओं में एक नई आस जगा दी है।
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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के एक अंदर के व्यक्ति ने कहा है, 'हरियाणा में प्रो-इंकंबेंसी के पक्ष में परिणाम शासन के मॉडल को भी दिखाता है, इसलिए हमें यह दिखाना पड़ेगा कि हमने लोगों के लिए क्या किया है।'
सीएम हेमंत सोरेन ने भी अपनी योजनाएं गिनानी शुरू कीं
शायद यही वजह है कि हरियाणा के चुनाव परिणाम साफ होते ही सीएम हेमंत सोरेन ने एक्स के सहारे अपनी सरकार की सफलताएं गिनानी शुरू कर दी हैं। उन्होंने एक्स के जरिए मैया सम्मान योजना से लेकर, लोन माफी, मुफ्त बिजली और समय से परीक्षाएं करवाने का दावा करके यह बताने की कोशिश की कि सरकार जनता के हितों के लिए काम करने में लगी है।
मूड प्रो-इंकंबेंसी के पक्ष में है-कांग्रेस नेता
मजे की बात तो ये है कि हरियाणा में पार्टी की दुर्गति देखने के बाद भी झारखंड के कांग्रेस नेताओं में उम्मीद की एक किरण जग गई है। धनबाद के एक कांग्रेस नेता ने कहा, 'हरियाणा के नतीजे ने संकेत दिया है कि मूड प्रो-इंकंबेंसी के पक्ष में है और मतदाता उस सरकार को चांस देने के लिए तैयार हैं, जिन्होंने कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं।'
एक और कांग्रेस नेता को भी लग रहा है कि झारखंड में कोई स्पष्ट एंटी-इंकंबेंसी नजर नहीं आती। उन्होंने दावा किया, 'पिछली बार लोगों ने सीएम रघुबर दास के खिलाफ वोट दिया, लेकिन सोरेन के खिलाफ कोई नफरत नहीं है। एक और अच्छी बात ये है कि सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना लोगों के बीच से ही हैं।'
हरियाणा की हार के बाद झारखंड में कांग्रेस ने ली ये सीख!
अंदर खाने झारखंड कांग्रेस के नेता हरियाणा में पार्टी की रणनीति पर भी सवाल उठा रहे हैं। एक ऐसे ही नेता का कहना है कि जहां हरियाणा में पार्टी पूरी तरह से जाट वोटों के भरोसे ही बैठी रही, जिससे गैर-जाट उनके खिलाफ गोलबंद हो गए, झारखंड में पार्टी मुसलमानों और आदिवासियों के अलावा अन्य समुदायों पर भी फोकस करेगी।
जेएमएम को चुनावों में पता चलेगा- बीजेपी
वहीं झारखंड में बीजेपी के नेताओं को लगता है कि जिस तरह से कांग्रेस को हरियाणा में जनता ने खारिज किया, वही हाल जेएमएम का प्रदेश में भी होगा। रांची में एक बीजेपी नेता ने कहा, 'एक बात साफ है। लोगों ने कांग्रेस के उन अफवाहों को खारिज कर दिया है कि बीजेपी संविधान बदल रही है। बड़ी तादाद में दलितों ने भी (हरियाणा में) बीजेपी को वोट दिया है। जेएमएम को लगता है कि आदिवासी वोटों पर उसका राज है, चुनावों में उसे पता चलेगा।'
वहीं एक और भाजपा नेता ने सीएम सोरेन पर इस वजह से निशाना साधा कि एक्स पोस्ट पर उन्होंने रोजगार की बात क्यों नहीं की, क्योंकि उनके मुताबिक परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक होने की वजह से सरकार आरोपों में घिरी हुई है।












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