Jharkhand: झारखंड में अवैध खनन को लेकर CBI का बड़ा एक्शन, 50 लाख रुपए कैश, 1 सोना किलो जब्त
झारखंड में अवैध खनन को लेकर सीबीआई ने बड़ा एक्शन लिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने झारखंड में कथित अवैध पत्थर खनन घोटाले के सिलसिले में मंगलवार को तीन राज्यों में कई स्थानों पर छापेमारी की। छापेमारी में लगभग 50 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी, सोना, चांदी और करोड़ों की संपत्ति से संबंधित कई दस्तावेज जब्त किए गए।
एक बयान में अधिकारियों ने कहा कि निम्बू पहाड़ क्षेत्र से मूल्यवान पत्थरों के अवैध निकासी मामले की जांच चल रही है। इसको लेकर कई स्थानों पर छापेमारी की गई। जिन स्थानों पर सीबी आई पहुंची, उनमें झारखंड में 14, पटना में एक और कोलकाता में एक जगह शामिल है, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा भी जांच के दायरे में शामिल हैं।

तीन राज्यों में कई स्थानों पर छापेमारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई का ऑपरेशन पूरे झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार में फैला, साहिबगंज में 11 स्थानों, रांची में तीन और पटना और कोलकाता में एक-एक स्थान पर तलाशी ली गई। एजेंसी ने 50 लाख रुपये नकद, एक किलोग्राम सोना और एक किलोग्राम चांदी के साथ-साथ करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज भी बरामद किए।
20 जगहों पर एक्शन
सीबीआई झारखंड (रांची में तीन जगह, गुमला में एक जगह और साहेबगंज में तेरह जगह), पश्चिम बंगाल (कोलकाता में दो जगह) और बिहार (पटना में एक जगह) सहित 3 राज्यों में फैले लगभग 20 स्थानों पर तलाशी ले रही है। सीबीआई ने आगे कहा कि आज की तलाशी उन संदिग्धों के परिसरों पर की जा रही है जिनकी भूमिका आगे की जांच के दौरान सामने आई है। ताजा एक्शन में अब तक 60 लाख नकद, 1 किलो से अधिक सोना, 1.2 किलो चांदी, सोने के गहने, मोबाइल, 61 जिंदा कारतूस (9 मिमी), संपत्तियों से संबंधित बिक्री पत्र, निवेश और शेल कंपनियों से संबंधित दस्तावेज, समझौते के कागजात और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
क्या है झारखंड अवैध खनन घोटाला केस
मामले की शुरुआत एक याचिका से हुई, जिसको लेकर 23 नवंबर, 2023 को झारखंड उच्च न्यायालय ने एक निर्देश जारी किया। सीबीआई ने 20 नवंबर 2023 को एक एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें पंकज मिश्रा, पवित्र कुमार यादव, राजेश यादव, संजय कुमार यादव, बच्चू यादव, संजय यादव और सुवेश मंडल को आरोपी बनाया गया। इन भी पर साहिबगंज में पत्थर के अवैध उत्खनन और चोरी के आरोप लगाए गए।
मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने आरोपियों के साथ-साथ बिजय हांसदा की गतिविधियों की प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया था, जिन्होंने अपनी रिट याचिका वापस लेने की मांग की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, हांसदा ने दावा किया है कि कथित तौर पर उनके जिले में खनन अधिकारियों सहित सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन गतिविधियां दो साल से अधिक समय से जारी हैं। उन्होंने बताया कि मिट्टी खोदने वाली मशीनरी और ब्लास्टिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों के घरों को नुकसान पहुंचा है।












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