धनबाद जज मौत मामलाः हाईकोर्ट में CBI ने सौंपी मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट, 27 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के जज उत्तम आनंद की मौत के मामले में सीबीआई ने झारखंड हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में केस की प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंपी है। इसके अलावा हाई कोर्ट ने 27 अगस्त को राज्य के गृह सचिव और एफएसएल के डायरेक्टर को हाजिर होने का आदेश दिया है। क्योंकि सुनवाई के दौरान सीबीआई ने हाई कोर्ट को बताया कि अभियुक्तों के यूरिन और ब्लड सैंपल विश्लेषण के लिए पिछले हफ्ते ही एफएसएल को भेजे गये थे। लेकिन उन्होंने यह कहते हुए सैंपल लौटा दिया गया कि यहां इसकी सुविधा नहीं है। इसके विशेषज्ञ भी नहीं हैं।

वहीं इस मामले पर सुनवाई कर रहे चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने कहा कि एफएसएल रांची में यूरिन एनालिसिस की सुविधा तक नहीं है। यह शर्मनाक है। साथ ही कोर्ट ने गहरी नाराजगी भी जताई और डायरेक्टर को हाजिर होने को कहा है। अब मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी। बता दें कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने धनबाद जज हत्याकांड के साजिशकर्ताओं की विश्वसनीय जानकारी देने वाले को 5 लाख का इनाम देने की घोषणा की है।
28 जुलाई को हुई थी जज उत्तम आनंद की मौत
धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद को बीती 28 जुलाई को सुबह करीब 5 बजे धनबाद में सैर पर जाते टक्कर मारकर हत्या कर दी थी। सैर पर निकले उत्तम आनंद को एक ऑटो ने पीछे से आकर जोरदार टक्कर मारी थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। यह पूरी वारदात घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज देखकर इस बात का अंदेशा होता है कि उनको जानबूझकर टक्कर मारी गई थी। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।
भाजपा नेता की हत्या के मामले में सुनवाई कर रहे थे आनंद
भाजपा नेता रंजय सिंह के परिवार ने उनकी हत्या के पीछे राजनीतिक संलिप्तता का आरोप लगाया है। उत्तम आनंद उनकी कथित हत्या के मामले की सुनवाई कर रहे थे। उत्तम आनंद हीरापुर जज कॉलोनी में रहते थे, जब वह सुबह सैर पर निकले तो एक अज्ञात वाहन ने 500 मीटर की दूरी से उन्हें टक्कर मार दी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गयी।












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