आज झांसी दौरे पर रहेंगे CM योगी आदित्यनाथ, 'हर घर नल' योजना की करेंगे शुरूआत
झांसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बुंदेलखंड के दौरे पर है। इस दौरान योगी आदित्यनाथ जल जीवन मिशन के तहर 'हर घर जल' योजना के प्रथम चरण की शुरूआत करेंगे। पहले चरण में बुंदेलखंड के तीन जिलों के 770 ग्राम पंचायतों तक शुद्ध जल पहुंचाने से इसकी शुरुआत होगी। अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2100 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का शुभारंभ भी करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत भी मौजूद रहेंगे।

मंगलवार, 30 जून को सीएम योगी आदित्यनाथ झांसी जिले के ग्राम मुराटा में 'हर घर जल' योजना के प्रथम चरण का शुरूआत करेंगे। जिला प्रशासन के मुताबिक, सीएम हेलीकॉप्टर से दोपहर 1.20 बजे ग्राम मुराटा पहुंचेंगे। यहां वह जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। दोपहर 2.55 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर रुकने के बाद सीएम गोशाला का निरीक्षण व वृक्षारोपण करेंगे। यहां से वह हेलीकॉप्टर से अपराह्न 3.50 बजे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नॉन कोविड अस्पताल का निरीक्षण करेंगे। आधा घंटे के निरीक्षण के बाद वह लखनऊ के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।
197 गांवों के ग्रामीणों की बुझेगी प्यास
'हर घर नल' योजना के तैयार होने पर जिले के 197 गांवों के 3,42,309 ग्रामीणों की प्यास बुझाई जा सकेगी। दरअसल, बुंदेलखंड में पानी की समस्या किसी से छिपी नहीं है। यहां गर्मियों में पानी के लिए लोग दूर- दूर तक जाते हैं। टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति हो पाती है। पानी की समस्या का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण पाइप पेयजल योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वे कराया था। इसमें निकलकर आया कि जिले के 197 गांवों में पानी का विकराल संकट है। इस संकट को दूर करने के लिए जिले में चार पाइप पेयजल योजनाएं बनाई गईं। इन पर 543.51 करोड़ रुपये खर्च होंगे। योजना के अंतर्गत 46 गांवों के 83,458 ग्रामीणों को सैदपुर- कुम्हैड़ी योजना के तहत जामनी बांध से कच्चा पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
चार चरणों में पूरी होगी यह योजना
'हर घर नल' योजना चार चरणों में पूरी होगी। पहले चरण की शुरूआत बुंदेलखंड से होगी। बुंदेलखंड के सात जिलों झांसी, महोबा, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट के कुल 3622 राजस्व गांव। इन सात जिलों में 479 योजनाएं शुरू होंगी और इससे लगभग 67 लाख की आबादी लाभांवित होगी। दूसरे चरण में विंध्य क्षेत्र और तीसरे चरण में जापानी बुखार और इंसेफलाइटिस से प्रभावित क्षेत्रों को उत्तर प्रदेश जल जीवन मिशन कवर करेगा। चौथे चरण में आर्सेनिक व फ्लोराइड से प्रभावित गंगा यमुना के तटवर्ती क्षेत्रों काम शुरू होगा। इस मिशन के तहत मेंटीनेंस का कार्य अगले 10 वर्षों तक कार्यदायी संस्था ही करेंगी।












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