Yoga world Record: उत्तम अग्रहरि ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड, ताड़ासन में लगातार 3 घंटे 3 मिनट तक रहे अडिग
Yoga world Record: जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र स्थित असैथा पट्टी नौरंग गांव के युवा योग प्रशिक्षक उत्तम अग्रहरि ने ताड़ासन में 3 घंटे 3 मिनट तक बिना रुके खड़े रहकर नया रिकॉर्ड बना दिया है। यह उपलब्धि उन्होंने 17 जून को देहरादून में हासिल की।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में आयोजित इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स कार्यक्रम में उन्होंने यह कीर्तिमान स्थापित किया। इस रिकॉर्ड के साथ ही उत्तम अग्रहरि का नाम इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में आधिकारिक रूप से दर्ज हो गया है।

इससे पहले 21 जून 2020 को उन्होंने ताड़ासन में 2 घंटे 2 मिनट तक लगातार खड़े रहकर गोल्डेन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपनी जगह बनाई थी। मौजूदा रिकॉर्ड उसी पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने के बाद हासिल हुआ है।
अब तक छह बड़ी रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज हुआ नाम
उत्तम अग्रहरि का यह छठा रिकॉर्ड है जो किसी अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ है। इससे पहले वह गोल्डेन बुक, लिम्का बुक, नोबेल वर्ल्ड रिकॉर्ड्स सहित पांच जगहों पर रिकॉर्ड बना चुके हैं।
उनकी उपलब्धियों में वर्ल्ड यंग अचीवर्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और नुमा इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी शामिल हैं। उन्होंने योग के क्षेत्र में निरंतर अभ्यास और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है।
पतंजलि की परिभाषा को सच कर दिखाया
महर्षि पतंजलि के अनुसार, किसी भी योगासन में तीन घंटे तक स्थिर रहना ही आसन सिद्धि कहलाता है। उत्तम ने इसे पूरी तरह चरितार्थ कर दिखाया है। उनका यह अभ्यास सहजता और स्थिरता का परिचायक है।
योग की इस साधना में न केवल शरीर, बल्कि मन की एकाग्रता भी आवश्यक होती है। उत्तम अग्रहरि ने उस मानसिक संतुलन और आत्म-नियंत्रण को रिकॉर्ड के रूप में साक्षात रूप में प्रस्तुत किया है।
उत्तम अग्रहरि उत्तर प्रदेश की योग टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। वर्ष 2022 में आंध्र प्रदेश के ताडेपल्लीगुडेम में आयोजित सीनियर नेशनल योग स्पर्धा में उन्होंने हिस्सा लिया था।
26 से 29 मार्च तक चली इस प्रतियोगिता में उनकी टीम ने फ्री फ्लो वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। पूरी प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया था।
उत्तम अग्रहरि योग थेरेपिस्ट भी हैं और वैकल्पिक चिकित्सा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वे अस्थमा, बीपी, माइग्रेन, मोटापा और पैरालिसिस जैसे रोगों पर योग आधारित इलाज दे रहे हैं।
फिलहाल उनका फोकस बालों की समस्याओं पर आधारित शोध पर है। उनका मानना है कि योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के संयोजन से बाल झड़ने की समस्या का समाधान संभव है।












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