Rubani Abu Mawiya: JeM का टॉप कमांडर ढेर, आतंक का वो चेहरा, जो 3 साल से भारत के खिलाफ रच रहा था साजिश
Jammu Kashmir Encounter: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों ने 4 फरवरी 2026 की दोपहर आतंक के एक बड़े चेहरे का हमेशा के लिए अंत कर दिया। जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर रुबानी उर्फ अबू माविया (Rubani alias Abu Mawiya) मुठभेड़ में मारा गया। यह वही आतंकी था, जो पिछले तीन साल से जम्मू क्षेत्र में छिपकर भारत के खिलाफ हमलों की जमीन तैयार कर रहा था।
यह सिर्फ एक एनकाउंटर नहीं था, बल्कि उन मासूम जानों के लिए इंसाफ की एक कड़ी थी, जिन्हें जैश जैसे आतंकी संगठनों ने निशाना बनाया। मुठभेड़ में एक अन्य आतंकी भी मारा गया, जबकि ऑपरेशन अभी भी जारी है। आइए जानते हैं रुबानी अबू माविया कौन था, उसका बैकग्राउंड, मुठभेड़ के बाद क्या-क्या बरामद सामान ?

Who Was Rubani alias Abu Mawiya: कौन था रुबानी उर्फ अबू माविया?
रुबानी उर्फ अबू माविया जैश-ए-मोहम्मद का सीनियर और भरोसेमंद कमांडर था। वह पाकिस्तान के मुल्तान का रहने वाला था और 2018 में जैश से जुड़ा था। शुरुआती दौर में उसे भारत विरोधी नेटवर्क की ट्रेनिंग दी गई और धीरे-धीरे उसे बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
साल 2023 के आसपास उसे जम्मू-कश्मीर भेजा गया, जहां उसका मकसद साफ था। सीमा पार से घुसपैठ को आसान बनाना, लोकल युवाओं को गुमराह कर भर्ती करना और बड़े हमलों की साजिश रचना। तीन साल तक वह जंगलों और गुफाओं में छिपकर आतंक का जाल बुनता रहा।
मुठभेड़ का पूरा क्रम (टाइमलाइन)
- 3 फरवरी (मंगलवार) शाम 4 बजे: सुरक्षाबलों को पुख्ता खुफिया जानकारी मिली कि 2-3 जैश आतंकी उधमपुर (Udhampur Encounter) के जाफर जंगल में छिपे हैं। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने सर्च शुरू किया।
- शाम 4 बजे से रात तक: आतंकियों ने गुफा से फायरिंग शुरू की। कई दौर की गोलीबारी हुई।
- रात भर: इलाके की घेराबंदी की गई। ड्रोन और हेलीकॉप्टर से निगरानी। अतिरिक्त फोर्सेस तैनात।
- 4 फरवरी (बुधवार) सुबह: ड्रोन फुटेज से गुफा में आतंकियों की मौजूदगी कन्फर्म।
- दोपहर 1 बजे: गुफा के एंट्री गेट पर कंट्रोल्ड ब्लास्ट। दो आतंकी मौके पर ढेर। इसमें से एक रुबानी अबू माविया की मौत की पुष्टि हुई। तीसरे आतंकी की तलाश जारी।
गुफा से क्या-क्या मिला?
सुरक्षाबलों ने गुफा और आसपास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और जरूरी सामान बरामद किया। मुख्य बरामदगी:-
- हथियार और गोला-बारूद
- M4 हथियार (टूटे हालत में) - 1
- AK-56 हथियार - 1
- M4 मैगजीन - 2
- AK-56 मैगजीन - 4
- M4 गोलियां - 89
- AK-56 गोलियां - 57
- 86 P चीनी ग्रेनेड (जिंदा) - 3
दैनिक उपयोग की वस्तुएं
- प्लास्टिक तिरपाल - 2
- कंबल - 2
- शॉल - 2
- स्लीपिंग बैग - 1
- स्पोर्ट्स शूज़ - 1 जोड़ी
- बैकपैक - 2
- पाउच - 1
- खजूर (अल ज़ायरा पैकेट) - 1
- टॉफी - 1
अन्य सामान
- डायरी - 1
- चार्जर (C-टाइप) - 1
- USB डेटा केबल - 1
- सिरिंज (पैक किया हुआ) - 1
- नेल कटर - 1
- प्रेगाबालिन टैबलेट - 2
- चाकू - 1
- कैंची - 1
- ईयरफोन वायर - 2
- टॉर्च (एवररेडी) - 1
क्यों महत्वपूर्ण है रुबानी अबू माविया का एनकाउंटर?
- जैश-ए-मोहम्मद का जम्मू क्षेत्र में बड़ा कमांडर था - पुलवामा (2019) जैसे हमलों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा।
- 3 साल से जम्मू में सक्रिय - घुसपैठ, रिक्रूटमेंट और हमलों की साजिश रच रहा था।
- उधमपुर में दो महीने में दूसरी बड़ी सफलता (पहली दिसंबर 2025 में मजालता क्षेत्र में)।
- NIA की श्रीनगर छापेमारी के साथ यह ऑपरेशन आतंकी इकोसिस्टम पर लगातार दबाव दिखाता है।
- अमरनाथ यात्रा और अन्य बड़े इवेंट्स से पहले बड़ा झटका।
फिलहाल स्थिति
इलाके में ऑपरेशन अब भी जारी है। तीसरे आतंकी की तलाश और बाकी हथियारों की रिकवरी के लिए सघन सर्च चल रहा है। राहत की बात यह है कि इस मुठभेड़ में किसी भी सुरक्षाकर्मी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
यह एनकाउंटर सिर्फ एक आतंकी के मारे जाने की खबर नहीं है, बल्कि यह उस लड़ाई की कहानी है, जो देश की शांति और मासूम लोगों की सुरक्षा के लिए हर दिन लड़ी जा रही है।












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