Udhampur Encounter: सेना और जैश-ए-मोहम्मद आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, 2-3 संदिग्ध जंगल में छिपे
Udhampur Encounter: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में 3 फरवरी 2026 को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ शुरू हो गई है। यह घटना रामनगर क्षेत्र के जाफर जंगल में हुई, जहां खुफिया जानकारी के आधार पर 2-3 आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। ये आतंकी पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) संगठन से जुड़े बताए जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस ऑपरेशन का पूरा ब्योरा...

'2-3 आतंकी इस जंगल क्षेत्र में छिपे'
उधमपुर जिले के रामनगर क्षेत्र में स्थित जाफर जंगल इन दिनों सुर्खियों में है। यह इलाका काफी घना और दूरस्थ माना जाता है, जहां सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक बड़ा ऑपरेशन चल रहा है। स्थानीय लोगों के लिए यह इलाका वैसे भी संवेदनशील माना जाता है, लेकिन इस बार हालात कुछ ज्यादा ही गंभीर हो गए हैं।
यह ऑपरेशन सोमवार 2 फरवरी की सुबह शुरू हुआ था, जब सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की इनपुट मिली। शुरुआती सर्च ऑपरेशन के दौरान मंगलवार 3 फरवरी को आतंकियों के साथ सीधी टक्कर हुई, जिसके बाद फायरिंग शुरू हो गई। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, मुठभेड़ तेज होती चली गई और शाम तक गोलाबारी जारी रही।
इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम शामिल है। आतंकियों की घेराबंदी को मजबूत करने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है, ताकि जंगल के हर मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। ग्राउंड फोर्सेस लगातार इलाके को कवर कर रही हैं और आतंकियों को भागने का कोई मौका नहीं दिया जा रहा। अब तक किसी भी आतंकी या सुरक्षाकर्मी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आतंकी संगठन है जैश-ए-मोहम्मद (JeM)
जैश पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन है, जो पुलवामा हमले (2019) जैसी बड़ी घटनाओं के लिए जिम्मेदार रहा है। जम्मू क्षेत्र में हाल के महीनों में जैश के कई ऑपरेशन नाकाम किए गए हैं, जैसे जनवरी में कठुआ और अन्य इलाकों में एनकाउंटर। उधमपुर क्षेत्र में हाल ही में भी एनकाउंटर हुए हैं (जैसे दिसंबर 2025 में मजालता क्षेत्र में), जहां जैश के आतंकी सक्रिय थे। किश्तवाड़ में भी 3 जैश आतंकियों की तलाश जारी है, जो उधमपुर से सटा हुआ है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह एनकाउंटर?
NIA की श्रीनगर छापेमारी (मुनीर अहमद शाह NGO केस) के साथ ही यह ऑपरेशन घाटी और जम्मू दोनों में आतंकी नेटवर्क पर सख्ती दिखाता है। जम्मू क्षेत्र में घुसपैठ और लोकल सपोर्ट नेटवर्क पर फोकस बढ़ा है। अमरनाथ यात्रा जैसे इवेंट्स के करीब होने से सतर्कता जरूरी है। स्थिति बदल रही है। कोई आतंकी मारा गया या पकड़ा गया तो बड़ी सफलता होगी। सुरक्षाबल इलाके को पूरी तरह घेर चुके हैं और सघन सर्च चला रहे हैं। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।












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