'वैष्णो देवी में भगदड़ इसलिए हुई क्योंकि...', क्या बोले जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कटरा स्थित वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं की भगदड़ होने पर कई जिंदगियां खत्म हो गईं। इस घटना पर देशभर के नेता और साधु-संत शोक-संवेदनाएं जाहिर कर रहे हैं। वहीं, पुलिस-प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में लगा है। जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख का भी बयान आया है। उनकी मानें तो इस जानलेवा भगदड़ के पीछे श्रद्धालुओं के बीच बहसबाजी का होना था। अभी सुबह जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने कहा कि वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ श्रद्धालुओं के बीच हुई बहस के कारण हुई थी, और भगदड़ भी ऐसी हुई कि लोग एक-दूजे पर चढ़ गए।
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देर रात की इस घटना में 12 लोगों के मारे जाने की खबर है। दरअसल, नए साल के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता का दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। परिसर में माता की प्रतिमा तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी थीं। उसी दौरान देर रात करीब 2:45 बजे भगदड़ मच गई, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 14 लोख जख्मी हैं जिनमें से 3 की हालत गंभीर है। घटना का ब्यौरा देते हुए जम्मू और कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा, "कटरा के माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ में 12 लोगों की मौत हुई है और 14 घायल हुए हैं।'
आखिर भगदड़ के पीछे क्या वजह हो सकती है, इस बारे में बताते हुए जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख ने कहा, ''यह घटना रात लगभग 2:45 बजे हुई। हमें प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चला है कि, वहां श्रद्धालुओं के बीच बहस हुई। उनमें एक तर्क छिड़ गया था, और परिणामस्वरूप लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे। जिसके बाद भगदड़ मची।',
घटना के बाद केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों को घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने और जरूरत पड़ने पर बेहतरीन सुविधाओं वाले अस्पताल पहुंचाने का निर्देश दिया है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि, वैष्णो देवी भगदड़ में घायलों में से कई लोगों को पास के कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने शनिवार सुबह कहा कि, यह भगदड़ त्रिकुटा पहाड़ियों के ऊपर स्थित मंदिर के गर्भगृह के बाहर गेट नंबर तीन के पास हुई। उन्होंने कहा, ''पुलिस बचाव अभियान में लगी हुई है और कई घायलों को माता वैष्णो देवी नारायण अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जिनमें से कई की हालत 'गंभीर' बताई जा रही है।'

तीर्थयात्रा दोबारा शुरू करा दी गई
वहीं, भगदड़ के बाद रोकी गई तीर्थयात्रा कुछ देर बाद दोबारा शुरू हो गई। एक पदाधिकारी ने इस बारे में कहा कि, यात्रा अब सकुशल तरीके से चल रही है। यह गुफा मंदिर रियासी जिले में 5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और आम तौर पर हर साल करीब दस लाख भक्तों को आकर्षित करता है। इस तीर्थ स्थल का संचालन वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा किया जाता है, जो तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए त्रिकुटा पहाड़ियों की चोटी तक पहुंचने के लिए बैटरी कार और रोपवे सेवाएं प्रदान करता है।

पीएम कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ के कारण जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधान मंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया और घायलों के लिए भी ₹50,000 राशि की घोषणा की।

मरने वालों के परिजनों को 10 लाख देगी राज्य सरकार
जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने भी मरने वालों के परिजनों के लिए ₹10 लाख और घायलों के लिए ₹2 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की। अब तस्वीरों में देखिए कि भगदड़ कैसे मची और कैसे माता का दरबार मातम में बदल गया...।
- वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ श्रद्धालुओं के बीच हुई बहस के कारण हुई थी, इस घटना में 12 लोगों के मारे जाने की खबर है।












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