Srinagar Tulip Garden: धरती के जन्नत में एशिया का सबसे बड़ा गार्डन, पर्यटक इस दिन से दीदार कर सकेंगे
अगर आपको छुट्टियों के सीजन में कहीं टूर प्लान करना है तो कश्मीर शानदार विकल्प हो सकता है। श्रीनगर का ट्यूलिप गार्डन लोगों को लुभाने के लिए तैयार है। 19 मार्च से पर्यटक एशिया के सबसे बड़े गार्डन का दीदार कर सकेंगे।

Srinagar Tulip Garden Largest In Asia का गौरव रखता है। धरती का जन्नत कहे जाने वाले कश्मीर में एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन अब पर्यटकों का स्वागत करने को तैयार है। इस सीजन में कई नए और विशेष फूलों को तैयार किया गया है। मुस्कुराते फूलों के बीच आने वाले पर्यटक दुनियाभर की चिंताओं सो मुक्त होकर सही मायने में धरती के जन्नत का दीदार 19 मार्च से कर सकेंगे। कवि श्रीनाथ सिंह ने क्या खूब लिखा है- 'फूलों से तुम हंसना सीखो, भौरों से नित गाना।'
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साल में एक बार खुलता है गार्डन, इसलिए मौका खास
गार्डन खुलने के मौके पर कविता का जिक्र इसलिए क्योंकि तनाव मुक्त होने और साल में एक बार खुलने वाले गार्डन के बेहद खास मौके पर अद्भुत फूलों का दीदार करना न भूलें। कवि माखनलाल चतुर्वेदी की कविता 'पुष्प की अभिलाषा' भी याद रखें। इसमें उन्होंने लिखा है- 'चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूंथा जाऊं...' इस पंक्ति का सहारा इसलिए क्योंकि गार्डन का दीदार करते समय फूलों के सौंदर्य पर मुग्ध होकर आगंतुक फूलों को तोड़ने या कोई नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें।

डल झील के किनारे खिलने वाले ट्यूलिप के फूल
कश्मीर घाटी में पर्यटकों के लिए एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन कुछ ही दिनों में खुल जाएगा। श्रीनगर की डल झील के किनारे खिलने वाले ट्यूलिप के फूल और इस गार्डन का सौंदर्य देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है।

ट्यूलिप गार्डन 30 हेक्टेयर में फैला हुआ
श्रीनगर में एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन विभिन्न किस्मों, रंगों और सुगंधों के 16 लाख ट्यूलिप के फूलों का दीदार करने के लिए आगंतुक 19 मार्च से ट्रैवल की योजना बना सकते हैं। पर्यटकों के लिए खोले जाने को तैयार श्रीनगर ट्यूलिप गार्डन 30 हेक्टेयर में फैला हुआ है। ज़बरवान रेंज की तलहटी में विश्व प्रसिद्ध डल झील के किनारे स्थित यह बाग बच्चों के अलावा बड़े-बूढ़ों को भी लुभाता है।

68 किस्मों के 16 लाख ट्यूलिप
बगीचे के प्रभारी इनाम-उल-रहमान ने कहा कि बगीचे में ट्यूलिप खिलना शुरू हो गया है और दूर-दूर तक फैले ट्यूलिप के फूलों की खूबसूरती आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर देगी। रहमान ने बताया कि इस साल बगीचे में 68 किस्मों के 16 लाख ट्यूलिप होंगे, जिनमें चार नई किस्में शामिल हैं। इससे ट्यूलिप बगीचे को एक नया और पहले से बेहतर मनोरम रूप मिलेगा।

उद्यान एक महीने तक खुला रखने का प्रयास
100 से अधिक बागवान एक महीने से अधिक समय से फूलों की कालीन जैसी तैयारी करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। दी न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्यूलिप गार्डन के प्रमुख मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि बगीचे में जल्दी से मध्य से लेकर देर तक की किस्में हैं और उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए लगाया जाता है कि उद्यान एक महीने तक खुला रहे और आगंतुकों को बाग का बेमिसाल सौंदर्य देखने को मिले।

स्वर्ग का एहसास कराने वाले फूल
रहमान ने कहा कि ट्यूलिप को जीवित रहने के लिए कम तापमान की जरूरत होती है। "20 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के साथ, इस साल ट्यूलिप के जल्दी खिलने के कारण बगीचे को जल्दी खोला जा रहा है।" बता दें कि स्वर्ग का अहसास देने वाला फूलों का कारपेट नुमा एहसास हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

पर्यटक रिकॉर्ड संख्या में उमड़ते हैं
2020 में, रिकॉर्ड 3.60 लाख पर्यटकों ने पूरी तरह से खिले असंख्य रंगों के लाखों ट्यूलिप बल्बों के सुंदर दृश्य के लिए बगीचे का दौरा किया था। रहमान ने बताया, यूरोपीय देश नीदरलैंड में प्रतिष्ठित केउकेनहोफ फूलों का बगीचा दुनिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन कहा जाता है। वहां से आने वाले पर्यटकों ने भी पिछले साल धरती का जन्नत कहे जाने वाले कश्मीर के ट्यूलिप गार्डन का दीदार किया था।

16 साल से फूलों का सौंदर्य निहार रहे लोग
बता दें कि करीब 16 साल पहले इस गार्डन का उद्घाटन किया गया था। 2007 में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद से यह उद्यान घाटी के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक बन गया है। उद्यान के खुलने से कश्मीर में पर्यटन राजस्व का भी बड़ा श्रोत बन चुका है। यह वसंत के आगमन का भी संकेत है।












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