श्रीनगर अटैक: मृतक शिक्षिका के परिजनों से मिले उमर, कहा- बहुसंख्यकों में हो अल्पसंख्यकों की रक्षा की भावना
जम्मू, 8 अक्टूबर: कश्मीर घाटी में आतंकियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन जारी है। आमने-सामने की लड़ाई में हार के बाद अब आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। साथ ही आम नागरिकों को निशाना बना रहे। बीते दिनों आतंकियों ने श्रीनगर में दो शिक्षकों और एक बिजनेसमैन की हत्या कर दी थी। इसके बाद शुक्रवार को महिला शिक्षक की अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें भारी जनसैलाब उमड़ा। साथ ही कई जगहों पर आतंकी संगठन टीआरएफ के खिलाफ प्रदर्शन हुए। वहीं जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी शिक्षिका के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की।

सुपिंदर कौर सरकारी स्कूल की प्रिसिंपल थीं, जिनकी आतंकियों ने गोलीमार कर हत्या कर दी। शुक्रवार को उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अन्य नेताओं के साथ उनके परिजनों से मुलाकात की। साथ ही इस आतंकी हमले की निंदा की। उमर के मुताबिक विभिन्न समुदायों को विभाजित करने के लिए उद्देश्य से नागरिकों पर हमले हो रहे हैं। ऐसे में बहुसंख्यक समुदाय को अल्पसंख्यकों को सुरक्षा की भावना देनी चाहिए। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
300 लोग हिरासत में
सरकार ने इन हत्याओं को बहुत ज्यादा गंभीरता से लिया है। जिस वजह से टारगेट किलिंग को रोकने के लिए क्रैकडॉउन किया गया। इसमें अभी तक 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं दूसरी ओर गृहमंत्री अमित शाह भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। इसके लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को दिल्ली बुलाया गया है। शनिवार को वो गृहमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं।
क्या है टीआरएफ?
इन आतंकी हमलों की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का मानना है कि द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) असल में पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक फ्रंट है। इस आतंकी संगठन का सिर्फ नाम बदला गया है, ताकि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को स्थानीय लोगों की ओर से चलाया जाने वाला 'स्वदेशी' आंदोलन का रूप दिखाया जा सके।












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