बारामुला में 59% वोटिंग से टूटा 40 साल का रिकॉर्ड, पीएम मोदी ने कही ये बात
जम्मू कश्मीर के बारामूला में इस बार रिकॉर्ड मतदान हुआ है। बारामूल को मिलिटेंसी के लिए जाना जाता है। पिछले कई वर्षों से यहां तनाव के चलते लोग मतदान में हिस्सा नहीं लेते थे। लेकिन इस बार यहां रिकॉर्ड मतदान हुआ है।
बारामूला में पहली बार रिकॉर्ड मतदान हुआ है, यहां सोमवार को कुल 58.90 फीसदी मतदान हुआ है। बारामूला में पहली बार 1967 में चुनाव हुआ था। यहां अक्सर चुनाव में मतदान का टर्नआउट काफी कम रहता था।

बारामूला में हुई रिकॉर्ड वोटिंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की है। पीएम मोदी ने कहा बारामूला के मेरे भाई-बहनों को बधाई, जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों में अपना अटूट विश्वास बनाए रखा है। इस तरह की सक्रिय सहभागिता जबरदस्त ट्रेंड है।
इससे पहले बारामूला में सबसे अधिक मतदान 1984 में हुआ था। उस वक्त यहां कुल 59.90 फीसदी मतदान हुआ था। बारामूला में कुल 1737865 रजिस्टर्ड मतदाता है। इस बार यहां से 22 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिसमे जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्लाऔर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद गनी लोन भी शामिल हैं।
इस बार यहां रिकॉर्ड मतदान की कई वजहें बताई जा रही हैं। इस बार यहां मतदान को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद यहां लंबे समय से गवर्नर रूल है।
बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के माहौल की वजह से बारामूला में मतदान में जबरदस्त इजाफा हुआ है। पिछले तीन दशक में पहली बार यहां किसी भी तरह की आतंकी धमकी नहीं थी, ना ही किसी ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया था।
जिसके चलते लोगों के भीतर किसी भी तरह का भय नहीं था और लोग खुलकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अपने घर से निकले और मतदान केंद्र पर पहुंचे।
आर्टिकल 370 के खात्मे ने भी इसमे अहम भूमिका निभाई है। पिछले पांच वर्षों में यहां राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी प्रक्रिया रुकी हुई है। ऐसे में जिस तरह से यहां मतदान हुआ है उससे यहां पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया की फिर से वापसी हो रही है। पॉलिटिकल एक्टिविस्ट और कार्यकर्ता यहां पर चुनाव को लेकर उत्साहित नजर आए।












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