PM Kisan Yojana: जम्मू-कश्मीर के किसानों के खातों में सीधे पहुंचे 947 करोड़, कैसे करें अपने खाते का स्टेटस चेक
PM Kisan Yojana: जम्मू-कश्मीर के मेहनतकश किसानों के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना, जो देश के अन्नदाताओं को आर्थिक सुरक्षा और संबल प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। अब जम्मू-कश्मीर के सुदूर ग्रामीण अंचलों में समृद्धि का नया आधार बन रही है।
हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान साझा किए गए आंकड़ों ने इस बात की पुष्टि की है कि मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का सीधा लाभ घाटी के लाखों किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुँच रहा है। पिछले दो वित्तीय वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो जम्मू-कश्मीर के कृषि क्षेत्र में यह निवेश एक संजीवनी की तरह साबित हुआ है।

इस अवधि के दौरान सरकार ने सीधे बैंक हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से कुल 947.01 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे किसानों के खातों में जमा की है। यह राशि 40 लाख से अधिक किश्तों के सफल भुगतान के रूप में वितरित की गई है, जिससे न केवल किसानों को बीज, खाद और खेती के अन्य उपकरणों के लिए तत्काल नकदी मिली है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार देखा जा रहा है।
कितनी किस्तें, कितना पैसा
सरकार ने लोकसभा में बताया कि जम्मू-कश्मीर में पांच किस्तों के जरिए यह राशि दी गई।
14वीं किस्त: 7.32 लाख भुगतान, 176.66 करोड़ रुपये
15वीं किस्त: 7.65 लाख भुगतान, 180.01 करोड़ रुपये
16वीं किस्त: 8.25 लाख भुगतान, 215.16 करोड़ रुपये
17वीं किस्त: 8.53 लाख भुगतान, 192.53 करोड़ रुपये
18वीं किस्त: 8.58 लाख भुगतान, 182.65 करोड़ रुपये
इन सभी को मिलाकर करीब 4.04 करोड़ किस्त भुगतान हुए। सरकार ने साफ किया कि ये आंकड़े किस्तों के हैं, न कि अलग-अलग किसान परिवारों की गिनती।
योजना कैसे काम करती है
पीएम-किसान योजना में हर पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह रकम तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यह योजना जमीन के मालिक किसानों के लिए है और इसमें राज्य के हिसाब से कोई तय बजट नहीं होता।
देशभर में कितना पैसा बंटा
सरकार के अनुसार, योजना शुरू होने से अब तक देशभर में 21 किस्तों के जरिए 4.09 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा दिए जा चुके हैं। हर किस्त में करोड़ों किसानों को फायदा मिल रहा है।
क्यों अटकी कुछ किस्तें
पिछले दो साल में देशभर में करीब 13.41 लाख किसान ऐसे रहे, जिन्हें कोई भी किस्त नहीं मिल पाई। वहीं 2.29 लाख किसानों को पूरी रकम नहीं मिल सकी। इसके पीछे कारण बताए गए हैं-
आधार और बैंक खाते का लिंक न होना
ई-केवाईसी पूरा न होना
जमीन से जुड़ी जानकारी अधूरी होना
एक ही परिवार के दो नाम दर्ज होना
कुछ मामलों में खुद योजना से नाम वापस लेना
सरकार ने कहा कि जैसे ही ये गलतियां ठीक होती हैं, अगली किस्त में पैसा भेज दिया जाता है।
कहां कराएं सुधार
किसान पीएम-किसान पोर्टल, मोबाइल ऐप या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर अपनी जानकारी ठीक कर सकते हैं। सरकार का कहना है कि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर से बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और पैसा सही लोगों तक पहुंच रहा है।
किसानों के लिए बड़ी राहत
सरकार का मानना है कि पीएम-किसान योजना ने छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा दिया है। जम्मू-कश्मीर के आंकड़े बताते हैं कि यह योजना लगातार किसानों तक पहुंच रही है और आने वाले समय में इसका लाभ और बढ़ेगा।












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