PDP ने जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को भेजा लीगल नोटिस, महबूबा मुफ्ती पर लगाए थे आरोप
नई दिल्ली, अक्टूबर 22। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को पीडीपी ने एक कानूनी नोटिस जारी किया है। दरअसल, पार्टी ने ये नोटिस सत्यपाल मलिक के द्वारा महबूबा मुफ्ती के खिलाफ कथित मानहानि के आरोप लगाने के बाद दिया है। आपको बता दें कि सत्यपाल मलिक ने ये आरोप लगाया था कि महबूबा मुफ्ती के साथ-साथ फारुक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला भी 2001 के रोशनी एक्ट के तहत राज्य की भूमि के लाभार्थी थे, जिसे पिछले साल जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय के एक आदेश के बाद खत्म कर दिया गया था।

सत्यपाल मलिक ने लगाए ये आरोप
- दरअसल, एक वीडियो में सत्यपाल मलिक को ये कहते हुए देखा जा रहा था कि फारूक और उमर अब्दुल्ला के साथ-साथ पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती को भी रोशनी एक्ट के तहत जमीन मिली थी।
- सत्यपाल मलिक का कहना है कि रोशनी एक्ट 2001 को फारूक अब्दुल्ला की सरकार द्वारा पेश किया गया था, जिसका उद्देश्य राजनेताओं को फायदा पहुंचाना था। सत्यपाल मलिक का आरोप है कि रोशनी एक्ट में कहा गया था कि राज्य की भूमि से कब्जाधारियों को हटाकर उसका उपयोग पूर्ववर्ती राज्य में बिजली की स्थिति में सुधार के लिए किया जाएगा, लेकिन बिजली की स्थिति में तो कोई सुधार नहीं हुआ, लेकिन नेताओं में जरूर वो जमीन बंट गई।
क्या कहा गया है लीगल नोटिस में?
पीडीपी के द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस में कहा गया है कि सत्यपाल मलिक के द्वारा लगाए गए आरोप न केवल गलत हैं बल्कि "राजनीतिक रूप से साफ और स्वच्छ छवि को खराब करने के एकमात्र उद्देश्य" है, इसलिए उनके खिलाफ पार्टी ने मानहानि का केस दायरे करने का फैसला किया है। आपको बता दें कि सत्यपाल मलिक को मिले नोटिस में कहा गया है कि नोटिस मिलने के 30 दिनों के भीतर 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाए। नोटिस में कहा गया है कि इस राशि का इस्तेमाल जनता के हित में किए गए कामों के लिए किया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications